“अगर मॉब लिंचिंग पर लोग मूक दर्शक बने रहेंगे तो कल ये सभी के घरों तक पहुंचेगा” – कुलधर सैकिया, असम पुलिस महानिदेशक

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असम के पुलिस महानिदेशक कुलधर सैकिया ने कहा कि लोगों को सड़क पर हो रही हिंसा का मूक दर्शक नहीं बनना चाहिए बल्कि इसे रोकने के लिए सक्रिय कदम उठाना चाहिए।

पुलिस महानिदेशक ने यहां फोर्थ यामिन हजारिका वुमन ऑफ सब्सटांस अवॉर्ड के मौके पर अपने संबोधन में कहा कि अगर कोई व्यक्ति मूक दर्शक बना रहता है तो हिंसा सिर्फ सड़कों तक ही सीमित नहीं रहती बल्कि लोगों के घरों तक भी फैलती है। इस पुरस्कार से कल प्रसिद्ध वन्यजीव कार्यकर्ता पुर्णिमा देवी बर्मन को पुरस्कृत किया गया।

कुलधर ने कहा, ” अगर लोग हिंसा पर कोई प्रतिक्रिया नहीं करेंगे और इसके रोकने के कुछ नहीं करेंगे तो यह लोगों के घर तक पहुंचेगा और बच्चे सोचेंगे कि इस स्थिति में कुछ भी गलत नहीं है।”

इस मौके पर पुलिस महानिदेशक ने युवा पीढ़ी में सही मूल्य भरने पर जोर दिया। यह अवार्ड असम की ‘वुमन्स हब’ द्वारा पूर्वोत्तर की पहली महिला आईपीएस अधिकारी यामिन हजारिका की याद में दिया जाता है। हजारिका की मौत 1999 में ल्यूकेमिया से 43 साल की उम्र में हो गई थी।


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