“अपने 10,000 कार्यकर्ताओं को भेजेंगे कश्मीर” – विश्व हिंदू परिषद

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विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने अमरनाथ यात्रियों पर हुए आतंकी हमले की निंदा करते हुए शुक्रवार (14 जुलाई) को कहा कि घटना से पता चलता है कि सरकार कश्मीर मुद्दे से सख्ती से नहीं निपट रही है।

दक्षिणपंथी हिंदू संगठन ने साथ ही कहा कि सेना का मनोबल बढ़ाने के लिए जल्द ही विहिप एवं बजरंग दल के 10,000 से अधिक कार्यकर्ता कश्मीर के आतंकवाद प्रभावित क्षेत्रों में जमा होंगे।

विहिप की कोंकण क्षेत्र इकाई के प्रमुख शंकरराव गैकर ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘चरमपंथियों एवं जेहादियों ने हमारे देश को एक युद्धक्षेत्र बना दिया है और रोजाना हमले कर रहे हैं। समय आ गया है कि देश कश्मीर में पूर्ण रूप से एक आतंकरोधी अभियान शुरू करे और कायराना हमलों में निर्दोष लोगों की जान लेने वाले जेहादियों का सफाया करे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह बिल्कुल साफ है कि सरकार कश्मीर मुद्दे से सख्ती से नहीं निपट रही। हमारा कोई पूर्णकालिक रक्षा मंत्री नहीं है। गृह मंत्री (राजनाथ सिंह) ने हाल में कहा कि सेना को आतंकियों के सफाये के लिए खुली छूट दी गयी है। लेकिन मैं पूछता हूं कि अब तक सेना के हाथ बंधे क्यों थे?’’ गैकर ने सरकार से सशस्त्र बलों में कश्मीरी मुसलमानों की भर्ती रोक देने की मांग की।

उन्होंने कहा, ‘‘सरकार को जम्मू-कश्मीर के पुलिस विभाग एवं भारत के सशस्त्र बलों में कश्मीरी मुसलमालों की भर्ती तत्काल रोक देनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं किया गया तो वहां हमारे जवानों का अपमान कर रहे पथराव करने वाले लोग आने वाले सालों में सशस्त्र बलों में शामिल होकर हमारे ही देश के खिलाफ काम कर सकते हैं।’’

विहिप नेता ने मदरसों को ‘‘आतंकवाद की पौधशाला’’ करार देते हुए कहा कि घाटी में मदरसे बंद कर दिए जाने चाहिए।उन्होंने कहा, ‘‘घाटी में सभी मदरसे बंद कर दिए जाएं। वे आतंकवाद की पौधशाला हैं। अगर मदरसे में बच्चे को लैपटॉप दिए जाते हैं तो फिर उन लैपटॉप की सही से जांच की जाए क्योंकि कोई यह नहीं जानता कि बच्चे एवं प्रशिक्षक लैपटॉप में क्या करते हैं।’’

गैकर ने कहा कि भाजपा सरकार को हिंदुत्व की ‘‘मूल नीति’’ का पालन करना चाहिए और देश की ‘‘बेहतरी’’ के लिए संविधान से अनुच्छेद 370 हटा देना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘सेना के जवानों का मनोबल बढ़ाने के लिए जल्द ही विहिप और बजरंग दल के 10,000 से अधिक कार्यकर्ता कश्मीर घाटी के आतंकवाद प्रभावित क्षेत्रों में जमा होंगे।’’


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