“आज दुनिया की हर मस्जिद बाबरी मस्जिद है” – शुऐब शाहिद

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6 दिसंबर, बाबरी मस्जिद के क़त्ल का दिन…………………………………।

खुदा का शुक्र है कि इस उम्मत में ज़िन्दगी की कुछ अलामत बाकी हैं………………..।

………..तभी तो 25 बरस बाद भी बाबरी मस्जिद का दर्द हमारे सीनों में महफूज़ है………..।

लेकिन बाबरी मस्जिद के अलावा भी कुछ और मस्जिदों को मैं जानता हूँ जिनकी आहें शायद हमारे कानों तक नहीं पहुँचती………….।

किब्ला-ए-अव्वल (बैतुल मक़दिस) जिसको एक बार आज़ाद कराया हज़रत उमर फ़ारूक़ (रज़ि०) ने……….।

एक बार सलाहुद्दीन अय्यूबी ने……………..।

…………..और उसके बाद आज तक इस उम्मत में कोई सलाहुद्दीन नहीं उठा जो बैतुल मुक़द्दस के दर्द को समझ सके…………..।

आह…………………………।

हर तरफ आहों-फुगाँ के सिवा कुछ सुनाई नहीं देता……………।

ज़मीन उम्मत-ए-मुस्लिमा के खून से खुद को डुबो लेना चाहती है शायद……………।

…………फिलस्तीन के मासूमों की पुकार आसमान को चीर रही है………………।

……………बर्मा के मुसलमानों की चीखें……………।

…….जलता हुआ सीरिया, ……….चेचनिया, ………..बोस्निया, ………..मिस्र, ………..बांग्लादेश और ऐसे ही दुनिया का हर मुल्क, ……….जहाँ मुस्लमान बस्ते हैं…………..।

………..दुनियाँ की तमाम कौमें मिलकर, ……..अपनी पूरी ताक़त के साथ इस उम्मत का नाम-ओ-निशान मिटा देना चाहती है……….।

अपने दिल पर हाथ रख कर सोचें कि क्या मस्जिद-ए-हरम आज़ाद है…………….?

……….जब तक अल्लाह का दीन, ……….अल्लाह की ज़मीन पर नाफ़िज़ नहीं होता, ये पूरी उम्मत (हक़ीक़तन) गुलाम है…………।

हर मस्जिद ग़ुलाम………………।

क़ाबा का इस ज़मीन पर होने का असल मक़सद है तौहीद………….।

……….और जब तक तौहीद शऊरी तौर पर (यानि अल्लाह की हाकमियत) दुनिया में ग़ालिब नहीं हो जाती तब तक दुनिया की हर मस्जिद बाबरी मस्जिद है………….।

तो बहाओ आँसू…..।

………………..लेकिन मायूसी के आँसू नहीं…बल्कि तौबा के आँसू…………..।

अल्लाह के हुज़ूर में…………….।

इन तमाम अल्लाह के मकानों (मस्जिदों) की हुरमत इसी सूरत में कायम रह सकती है कि ये उम्मत वो काम करे, जिसके लिए इसे बरपा किया गया है…………..।

शब गुरेज़ा होगी आखिर, जलवा-ए-खुर्शीद से।
ये चमन मामूर होगा, नग़मा – ए – तौहीद से।


– शुऐब शाहिद

शुऐब शाहिद
शुऐब शाहिद

(शुऐब शाहिद, डिज़ाइनर हैं। शुऐब शाहिद राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में कॉलम लिखते हैं। शुऐब शाहिद फेसबुक यूज़र हैं। यह लेख उनकी टाइम लाइन से लिया गया है। इस लेख के विचार पूर्णत: निजी हैं, इस लेख को लेकर अथवा इससे असहमति के विचारों का भी myzavia.com स्‍वागत करता है । इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है। ब्‍लॉग पोस्‍ट के साथ अपना संक्षिप्‍त परिचय और फोटो भी myzavia.com@gmail.com भेजें।)


 

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