खुद के वर्किंग शिफ्ट में रहे शांति, इसलिए जहर देकर नर्स ने 20 मरीजों को मार डाला

0
8

मरीजों की जान डॉक्टर की तरह उन नर्सों की हाथों में भी होती है, जो उनकी सेवा में दिन रात एक कर देती हैं. कई नर्सों ने युद्ध, भूकंप जैसे आपातकाल की स्थ‍िति में लगातार कई घंटों तक काम कर पूरी दुनिया में नर्सों को लेकर एक बेहतरीन छव‍ि बनाई है. हालांकि जापान की एक नर्स ने इस महान माने जाने वाली फ‍िल्ड को बदनाम करने का काम किया है।

जापान में एक अस्पताल में तैनात एक नर्स अयुमो कोबुकी के ऊपर 20 मरीज की हत्या करने का आरोप है। टोक्यो से 32 किमी दूर ओगुची अस्पताल में तैनात 31 साल की नर्स अयुमी कोबुकी पर आरोप है कि उसने जहर देकर 20 लोगों की हत्या कर दी।

आरोप है कि 2016 के दौरान आयुमी कोबुकी बुजुर्ग मरीजों की ड्रिप में एंटीसेप्ट‍िक सल्यूशन को इंजेक्ट कर देती थी। जापान पुलिस के अनुसार आयुमी कोबुकी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। आयुमी कोबुकी के अनुसार वह मरीजों को इसलिए मौत की नींद सुला रही थी कि उनकी मौत दूसरी नर्सों की श‍िफ्ट में हो न कि उसके। ऐसा इसलिए क्योंकि उसे मरीजों के परिजनों को उनके रिश्तेदार की मौत की सूचना देने में झ‍िझक होती थी। ओगुची अस्पताल में उन नर्सों को परिजनों से बात करनी होती थी जो मरीज की मौत के समय ड्यूटी पर होती थीं।

पुलिस ने उस समय जांच शुरू की थी, जब एक नर्स ने एक 88 साल के मरीज नोबुओ यामाकी की सितंबर 2016 में मौत होने के बाद उनकी ड्र‍िप में बबल्स देखा। बबल्स मौजूद होने का मतलब होता है कि ड्रिप बैग से छेड़छाड़ की गई है। बाद में डॉक्टरों ने यामाकी के खून में काफी मात्रा में एंटीसेप्ट‍िक सल्यूशन पाया और इस नतीजे पर पहुंचे कि उसे जहर दिया गया था। वहीं 88 साल के एक दूसरे मरीज की भी ऑटोप्सी की गई। उस मरीज के खून में भी वही एंटीसेप्ट‍िक सल्यूशन पाया गया। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। उसके बाद पुलिस को 2 और मरीजों के शरीर में इस एंटीसेप्ट‍िक सल्यूशन के अंश मिले।

वहीं पुलिस को नर्सों की कॉमन रूम से 10 और बिना इस्तेमाल किए गए ड्रिप बैग मिले, जिसमें ये सल्यूशन डाला गया था। जब पुलिस ने सभी नर्सों की यूनिफॉर्म की जांच की तो सिर्फ कोबुकी के कपड़ों में उस सल्यूशन के अंश मिले। अरेस्ट होने के बाद कोबुकी ने 20 लोगों को मारने का आरोप कबूल कर लिया है, लेकिन उसने कहा कि उसने सिर्फ बुजुर्ग और काफी बीमार मरीजों का ही टारगेट किया था। हालांकि पुलिस को उसके कबूलनामे पर संदेह है क्योंकि इस दौरान मारे गए कई मरीज ज्यादा बीमार नहीं थे।

2008 में नर्स की डिग्री पाने के बाद आरोपी कोबुकी ने कई अस्पतालों में काम किया है। कोबुकी मई 2015 से ओगुची अस्पताल में काम कर रही थी। कोबुकी को वैसे तो अच्छा कर्मचारी माना जाता था, हालांकि जिस फ्लोर पर वह तैनात थी, मौतों का सिलसिला शुरू होने से पहले वहां अजीबोगरीब घटनाएं भी हुई थीं। जैसे कभी नर्सों के कपड़े फटे मिले तो कभी ड्र‍िंक में कुछ मिला दिया जाता था। हालांकि अगस्त 2016 में मौतों का सिलसिला शुरू होने के बाद ये घटनाएं बंद हो गई। जून में कोबुकी ने अस्पताल छोड़ दिया था।


Facebook Comments

NO COMMENTS