चारा घोटाला : “लालू प्रसाद यादव को साढ़े तीन साल की सजा और 5 लाख रुपये का जुर्माना”

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सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले के इस मामले में 23 दिसंबर को लालू प्रसाद समेत तीन नेताओं, तीन आईएएस अधिकारियों के अलावा पशुपालन विभाग के तत्कालीन अधिकारी कृष्ण कुमार प्रसाद, पशु चिकित्साधिकारी सुबीर भट्टाचार्य तथा आठ चारा आपूर्तिकर्ताओं सुशील कुमार झा, सुनील कुमार सिन्हा, राजाराम जोशी, गोपीनाथ दास, संजय कुमार अग्रवाल, ज्योति कुमार झा, सुनील गांधी तथा त्रिपुरारी मोहन प्रसाद को अदालत ने दोषी करार देकर जेल भेज दिया था.

रांची। चारा घोटाले से जुड़े देवघर कोषागार से 89 लाख, 27 हजार रुपये की अवैध निकासी के मामले में रांची की सीबीआई कोर्ट आज बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को साढ़े तीन साल की सजा और पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है.दोषी फूल चंद, महेश प्रसाद, सुनील कुमार, बांकी जूलियस, सुधीर कुमार और राजा राम को भी साढ़े तीन साल और पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है.

इस मामले में शुक्रवार को लालू, आरके राणा, जगदीश शर्मा एवं तीन वरिष्ठ पूर्व आईएएस अधिकारियों समेत 16 लोगों की सजा के बिन्दु पर अदालत में बहस पूरी हो गयी थी. विशेष अदालत ने 23 दिसम्बर को चारा घोटाले के एक मामले में लालू समेत 16 आरोपियों को दोषी ठहराया था.

कम सजा के लिए लालू ने रखी थीं ये दलीलें:
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद ने शुक्रवार को सीबीआई की विशेष अदालत से सजा सुनाए जाने को लेकर नरमी बरतने का आग्रह किया था. लालू प्रसाद के वकील चितरंजन कुमार ने कहा कि हम लालू प्रसाद के लिए न्यूनतम सजा की मांग कर रहे हैं. हमने लालू प्रसाद के खराब स्वास्थ्य के कारण अदालत से नरमी बरतने का आग्रह किया है. उनके ‘हर्ट वाल्व’ को बदला गया है. वह कई बीमारियों से जूझ रहे हैं और उन्हें कई दवाईयां दी जा रही हैं.” उन्होंने कहा कि हमने अदालत से कहा कि लालू प्रसाद के खिलाफ कोई भी सीधा सबूत नहीं है. इस मामले में वह एक वर्ष तक जेल में रह चुके हैं. वह 20 वर्षों से इस मामले का सामना कर रहे हैं और उन्होंने कभी भी अदालत की अवज्ञा नहीं की.”

क्‍या है मामला :
वर्ष 1990 से 1994 के बीच देवघर कोषागार से 89 लाख, 27 हजार रुपये की फर्जीवाड़ा कर अवैध ढंग से पशु चारे के नाम पर निकासी के इस मामले में कुल 38 लोग आरोपी थे जिनके खिलाफ सीबीआई ने 27 अक्तूबर 1997 को मुकदमा दर्ज किया था और लगभग 21 साल बाद इस मामले में गत 23 दिसंबर को फैसला आया.

ये हैं दोषी :
सीबीआई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले के इस मामले में 23 दिसंबर को लालू प्रसाद समेत तीन नेताओं, तीन आईएएस अधिकारियों के अलावा पशुपालन विभाग के तत्कालीन अधिकारी कृष्ण कुमार प्रसाद, पशु चिकित्साधिकारी सुबीर भट्टाचार्य तथा आठ चारा आपूर्तिकर्ताओं सुशील कुमार झा, सुनील कुमार सिन्हा, राजाराम जोशी, गोपीनाथ दास, संजय कुमार अग्रवाल, ज्योति कुमार झा, सुनील गांधी तथा त्रिपुरारी मोहन प्रसाद को अदालत ने दोषी करार देकर जेल भेज दिया था.

इनको किया बरी:
देवघर कोषागार से 89 लाख, 27 हजार रुपये के फर्जीवाड़े के मामले से जुड़े इस मुकदमे में 23 दिसंबर को सीबीआई के विशेष न्यायाधीष शिवपाल सिंह ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डा. जगन्नाथ मिश्रा, बिहार के पूर्व मंत्री विद्या सागर निषाद, पीएसी के तत्कालीन अध्यक्ष ध्रुव भगत, हार्दिक चंद्र चौधरी, सरस्वती चंद्र एवं साधना सिंह को निर्दोष करार देते हुए बरी कर दिया था.


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