“तुर्की की प्रथम महिला एमिने एर्दोगोन ने OIC मीटिंग में आये मुस्लिम नेताओं की पत्नियों को खुद खाना सर्व किया”

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इस्ताम्बूल। जिस तरह तुर्की के प्रेसिडेंट तैय्यब एर्दोगोन की छवि एक मुस्लिम रहनुमा के नेता के रूप में उभर कर सामने आ रही है वैसे वैसे लोग जगत का भरोसा उनके ऊपर बढ़ता जा रहा है और शायद यही कारण है की इस्लामिक दुनिया से सम्बंधित किसी भी मुद्दे पर लोग सबसे पहले तुर्की की तरफ देखने लगते हैं।

जिस तरह राष्ट्रपति एर्दोगोन मुस्लिम पर हो रहे ज़ुल्मों को लेकर चिंतित रहते है वैसी ही शख्सियत देश की प्रथम महिला राष्ट्रपति की पत्नी एमिने एर्दोगोन की भी है। पिछले दिनों जब वो बांग्लादेश में रोहिंग्या कैम्पों में शरणार्थियों के हाल चाल जानने गयी थी तो वहां उनकी आप बीती सुनकर खुद को भी काबू में नही रख पायी और पीड़ित महिलाओं के गले लगकर फूट-फूट कर रोई थी।

बुधवार को इन्स्ताबुल में जेरुसलम मुद्दे को लेकत आयोजित इमरजेंसी ओआईसी की बैठक में जहां सारे मुस्लिम राष्ट्रों के नेता शामिल थे तो वहीं एमिने एर्दोगान ने मुस्लिम नेताओं की पत्नियों के लिए लंच का आयोजन किया।

डोनाल्ड ट्रम्प की घोषणा की “वह जेरुसलम को इस्राइल की राजधानी के रूप में मान्यता देते हैं और अमेरिकी दूतावाश को जेरुसलम में स्थानांतरित करते हैं” के बाद तुर्की ने यह ओआईसी की बैठक आयोजित की थी।

Leaders and representatives of the Organisation of Islamic Cooperation (OIC) member states pose for a group photo during the Istanbul Summit in Istanbul, Turkey April 14, 2016. REUTERS/Murad Sezer

बैठक के बाद ओआईसी ने पूर्व जेरुसलम को फिलिस्तीन की राजधानी के रूप में मान्यता देने के एक घोषणा जारी की। घोषणा में ट्रम्प को अपने फैसले पर पुनर्विचार करने और बेकाबू निर्णय को वापस लेने की बात भी कही गई।

ट्रम्प के फैसले के बाद तुर्की ने 57 सदस्यीय ओआईसी की बैठक आयोजित की, इस बैठक में दुनियाभर के नेताओं ने ट्रम्प फैसले की निंदा की।

इस्राइल-फिलिस्तीन लड़ाई का केन्द्र जेरुसलम बना हुआ है, जेरुसलम जिस पर इस्राइल ने कब्जा कर लिया है, को फिलिस्तीन लोग अपनी भावी राजधानी के रूप में देखते हैं।

एक नज़र एमिने रोदोगोन की जीवन पर:

एमीने एर्दोगोन का जन्म 21 फरवरी 1955 को हुआ था, एमीन तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तय्यिप एर्दोगोन की पत्नी और तुर्की की पहली महिला हैं, एमीने एर्दोगान का जन्म इन्स्ताबुल के उस्कूदर में हुआ था और वह अरब वंशी हैं, उनका परिवार दक्षिण-पूर्वी सिर्ट से आया था, वह अपने माता-पिता की पांच संतानों में सबसे छोटी हैं, एमीने एर्दोगान ने ‘मितहत पासा अक़साम आर्ट’ स्कूल में भाग लिया था परन्तु ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने यह छोड़ दिया।

7 दिसंबर 2010 को, पाकिस्तान के बाढ़ ग्रस्त लोगों के लिए अपने निजी प्रयासों के लिए एमीने को प्रधान मंत्री सैयद युसूफ रजा गिलानी द्वारा निशान-ए-पाकिस्तान से सम्मानित किया गया। बाल-विवाह का विरोध करने वाली वह पहली महिला थी, उन्होंने कहा “यह किसी भी शर्त में अस्वीकार्य है”. 4 फरवरी 1978 को एमीने का विवाह टर्की के राष्ट्रपति से हुआ है.

एमीने को सामाजिक कार्यों के लिए जाना जाता है:


 

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