दक्षिड़ अफ्रीका ने टॉस जीत कर किया पहले बैटिंग का फैसला

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टीम इंडिया और साउथ अफ्रीका के बीच तीन मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला केपटाउन के न्यूलैंड्स स्टेडियम में खेला जा रहा है। साउथ अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया है और टीम इंडिया को गेंदबाजी दी है। टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में रवींद्र जडेजा और अजिंक्य रहाणे शामिल नहीं हैं।

भारत ने पिछली नौ टेस्ट सीरीज में जीत दर्ज कर ऑस्ट्रेलिया के लगातार नौ टेस्ट सीरीज जीतने के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की है। भारत ने 2015 से कोई भी टेस्ट सीरीज नहीं हारी है। अब उसके पास साउथ अफ्रीका को हराकर वर्ल्ड रिकॉर्ड 10 टेस्ट सीरीज बैक टू बैक जीतने का मौका है। ऐसे में विराट कोहली से उम्मीद होगी कि वो साउथ अफ्रीका में जीत के सूखे को खत्म करें।

भारत दक्षिण अफ्रीका में 1992 से एक भी सीरीज नहीं जीता है। उसने इस दौरान चार सीरीज गंवाई हैं और एक सीरीज ड्रॉ खेली है। भारत ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में 2010-11 में सीरीज ड्रॉ की थी।

यहां भारतीय टीम ने कुल 17 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें से उन्होंने महज दो टेस्ट जीते हैं। टीम इंडिया ने साउथ अफ्रीका में साल 2006 के दौरे पर राहुल द्रविड़ की कप्तानी में यहां पहला टेस्ट मैच जीता था। इसके बाद टीम इंडिया ने साल 2010 में पूर्व कप्तान एमएस धोनी की कप्तानी में डरबन में टेस्ट मैच जीता था।

बल्लेबाजी में भारत का दारोमदार चेतेश्वर पुजारा और विराट कोहली के ऊपर सबसे ज्यादा होगा। इन दोनों ने 2017 में काफी रन बनाए हैं। पुजारा बीते साल सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में दूसरे और कोहली चौथे स्थान पर रहे हैं।

इन दोनों के अलावा टीम के उप-कप्तान अजिंक्य रहाणे पर भी सभी की निगाहें रहेंगी। वहीं सलामी बल्लेबाज शिखर धवन, लोकेश राहुल और मुरली विजय तीनों फॉर्म में है। कोहली प्लेइंग इलेवन में किस सलामी जोड़ी के साथ जाते हैं, यह मैच के दिन ही पता चलेगा।

भारत को इस दौरे पर सबसे ज्यादा उम्मीदें अपने तेज गेंदबाजी आक्रमण से हैं। उसके पास मोहम्मद शमी, ईशांत शर्मा, भुवनेश्वर कुमार के रूप में बेहतरीन तेज गेंदबाजी आक्रमण है। वनडे के दिग्गज तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को पहली बार टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। टेस्ट में दूसरे नंबर पर काबिज साउथ अफ्रीका अपने घर में हर लिहाज से हावी है, लेकिन वो जानती है कि भारतीय टीम बेहद मजबूत मानसिकता और बेहतरीन संतुलन के साथ उसे चुनौती देने आई है।

मेजबानों की बल्लेबाज एबी डिविलियर्स, फाफ डु प्लेसिस, हाशिम अमला के इर्द गिर्द है। क्विंटन डी कॉक भी उसके लिए अहम योगदान दे सकते हैं। गेंदबाजी में वह डेल स्टेन, क्रिस मौरिस की वापसी से मजबूत हुई है। इन दोनों के अलावा उसके पास वार्नोन फिलेंडर, कैगिसो रबाडा जैसे घातक गेंदबाज हैं, जो भारत को परेशानी में डाल सकते हैं।


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