दर्दनाक हादसा : इंदौर-पटना एक्सप्रेस के 14 डिब्बे कानपूर से पहले पटरी से उतरे, हादसे में 120 की मौत, 300 से ज्यादा घायल

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कानपुर। मध्य प्रदेश के इंदौर से बिहार की राजधानी पटना जा रही इंदौर-पटना एक्‍सप्रेस ट्रेन (19321) रविवार तड़के कानपुर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में कम से कम 120 लोगों की मौत हो गई, जबकि 300 से अधिक घायल हो गए। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि हताहतों की संख्या बढ़ने की आशंका है।

यह हादसा कानपुर से करीब 100 किलोमीटर दूर पुखरायां के पास तड़के 3 बजे हुआ। जहां ट्रेन के करीब 14 डब्बे पटरी से उतर गए. इनमें से 4 डिब्‍बे बुरी तरह क्षतिग्रस्‍त बताए जा रहे हैं।

उत्‍तर रेलवे के प्रवक्‍ता विजय कुमार ने बताया कि डॉक्‍टर और रेलवे के वरिष्‍ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। अभी ट्रेन के पटरी से उतरने की वजहों के बारे में पता नहीं चला है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि इस दुर्घटना की प्रकृति और समय यह दिखाते हैं कि दुर्घटना पटरी में टूट-फूट के कारण हुई है। हालांकि असल वजह का पता जांच के बाद ही चल पाएगा।

कुमार ने साथ ही कहा कि यात्रियों को उनकी आगे की यात्रा में मदद करने के लिए बसें तैनात कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि डिब्बा संख्या एस-2 बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है. चार एसी डिब्बे भी पटरी से उतर गए हैं।

आईजी कानपुर ने हादसे में 96 लोगों के मरने की पुष्टि की है। इस हादसे में 150 से ज्यादा के घायल होने की भी खबर है। हादसा रविवार सुबह 3 बजकर 10 मिनट पर हुआ। ट्रेन इंदौर से पटना की ओर जा रही थी।

इंदौर-पटना एक्सप्रेस जब पुखराया स्टेशन से कानपुर के लिए निकली ही थी कि उसी वक्त ट्रेन के चौदह डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसे के बाद से बचाव कार्य लगातार जारी है। कई लोग अभी भी डिब्बों के भीतर फंसे हुए हैं। कटर की मदद से डिब्बों को काटकर फंसे हुए लोगों को निकालने की कोशिशें लगातार की जा रही हैं।

एडीजी लॉ एन्ड ऑर्डर दलजीत सिंह चौधरी के मुताबिक एनडीआरएफ की टीमें भी मौके पर पहुंच गई हैं। S1 और S2 दो डिब्बे इस हादसे में सबसे ज्यादा क्षतिग्रस्त हुए हैं। जिनके भीतर लोग फंसे हुए हैं।

वहीं रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने हादसे के बाद रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों को घटनास्थल पर पहुंचने का आदेश दे दिया है। प्रभू ने कहा है कि राहत-बचाव की टीमें घटनास्थल पर रवाना कर दी गई हैं। वहीं गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने घटना को दर्टदनाक बताया। उन्होंने कहा ‘इंदौर एक्सप्रेस के पटरी से उतरने के बाद मौतों की खबर दर्दनाक है। हम पीड़ित परिवारों के साथ हैं’। चश्मदीद के मुताबिक रात 3 बजकर 10 मिनट सभी यात्री सो रहे थे कि अचानक ट्रेन हादसे का शिकार हो गई।

ये ट्रेनें हुईं रद्द, पीड़ित परिवारों को मुआवजा देगी सरकार
पटना-इंदौर एक्सप्रेस ट्रेन हादसे के बाद से से झांसी-लखनऊ इंटरसिटी, झांसी-कानपुर पैसेंजर दोनों ट्रेनों को कैंसिल कर दिया गया है। वहीं ट्रेन नंबर 12542, 2522,12541,12534 को डाइवर्ट किया गया है।

रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले यात्रियों के परिजनों और घायलों को मुआवजा दिया जाएगा। रेल मंत्री ने ये भी कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मृतक के परिजनों को साढ़े तीन लाख रुपये, घायलों को 50 हज़ार रुपये और कम घायलों को 25 हज़ार रुपये दिये जाएंगे।

वहीँ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मृतक के परिजनों को 5 लाख रुपये, घायलों को 50 हज़ार रुपये और कम घायलों को 25 हज़ार रुपये दिये जाने का एलान किया है।


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