“दुनिया का सबसे खतरनाक आतंकवाद, ब्राह्मणवाद है” – दिलीप मंडल

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ब्राह्मणवाद दुनिया का सबसे खतरनाक आतंकवाद है, क्योंकि इसकी वजह से जो मार खाता है, उसे कोई शिकायत नहीं है। वह मजे से मार खाता है, ताकि उसका परलोक सुधर जाए।

वह अपमानित होता है और अपमानित करने वाले को दक्षिणा भी देता है। इटली के समाजशास्त्री अंतोनियो ग्राम्शी इसे ‘हेजेमनी बाई कंसेंट’ कहते हैं, यानी पीड़ित की सहमति से चल रहा वर्चस्ववाद। इसके लिए सहमति की संस्कृति बनाई जाती है, यही ब्राह्मण धर्म है।

बहुजनों की सहमति से अल्पजन का राज, इसका सबसे बुरा असर यह है कि अपार प्राकृतिक संसाधनों के बावजूद भारत आज दुनिया के सबसे गरीब, निरक्षर, बीमार और लाचार देशों में एक है। जीवन के हर क्षेत्र में सवर्ण वर्चस्व ने देश का बुरा हाल कर दिया है।

क्या आपने कभी सोचा है कि 1946-47 की विश्व इतिहास की भीषणतम सांप्रदायिक हिंसा के दौर में, जब 10 लाख से ज्यादा लोग मारे गए, तब भी बाबा साहेब जातिमुक्त भारत के बारे में ही लिख रहे थे?

बाबा साहेब जानते थे कि भारत के ज्यादातर लोगों की समस्या जाति है। उससे मुक्ति जरूरी है। यही भारत की असली आजादी है। यही राष्ट्र निर्माण है।

लेकिन यूनियन कैबिनेट में कुल 26 मंत्री हैं। जिनमें…

गृहमंत्री : राजपूत
कृषि मंत्री : राजपूत
ग्रामीण विकास: राजपूत
रक्षा मंत्री : ब्राह्मण
वित्त मंत्री : ब्राह्मण
रेल मंत्री : ब्राह्मण
विदेश मंत्री : ब्राह्मण
शिक्षा मंत्री : ब्राह्मण
सड़क परिवहन मंत्री : ब्राह्मण
स्वास्थ्य मंत्री: ब्राह्मण
कैमिकल मंत्री : ब्राह्मण
पर्यावरण मंत्री : ब्राह्मण
खादी मंत्री : ब्राह्मण
कपड़ा मंत्री : ईरानी ब्राह्मण
स्टील मंत्री : जाट
क़ानून मंत्री : कायस्थ
संचार मंत्री : कम्मा(पिछड़ा)
खाद्य मंत्री : दलित

इनकी टैलेंट और मेरिट की फैक्ट्री महाराष्ट्र में लगी है।

इन नौ भूदेवों में चार अकेले महाराष्ट्र के।

महाराष्ट्र के लोगों को बधाई।

मोहन भागवत को पेशवा राज स्थापित होने पर बधाई।

केंद्रीय मंत्रिमंडल यानी यूनियन कैबिनेट की बैठक।

वित्त मंत्री, रेल मंत्री, रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री, मानव संसाधन विकास मंत्री, कैमिकल एंड फर्टिलाइजर मंत्री, संसदीय कार्य मंत्री, लघु और मझौले उद्योग मंत्री, ट्रांसपोर्ट और बंदरगाह मंत्री, संसदीय कार्य मंत्री, कॉर्पोरेट अफेयर्स मंत्री, प्रवासी मामले की मंत्री, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री…नरेंद्र मोदी………..

दैनिक जागरण के मालिक ने अखिलेश यादव से पूछा था कि यूपी पुलिस में कितने यादव हैं। अब वे नरेंद्र मोदी से पूछ सकते हैं कि उनकी लगभग आधी कैबिनेट एक ही जाति से क्यों भरी हुई है।

यादव = 00
कुर्मी, पटेल = 00
जाटव = 00
कुशवाहा, मौर्या = 00
मल्लाह, निषाद = 00
लिंगायत = 00
अंसारी, जुलाहा = 00
वन्नियार = 00
कपू = 00
नायर = 00

और संख्या की दृष्टि से ये भारत की कुछ सबसे बड़ी जातियां हैं। ऐसे में 26 में से 9 मंत्री एक ही जाति से बनाना और वह भी उस जाति से जिसकी संख्या काफी कम है, एक गहरे सामाजिक असंतुलन की ओर संकेत करता है।

यह जरूर है मनुस्मृति के हिसाब से चलने वाली केंद्र सरकार कि कैबिनेट मंत्रियों के पदों को पाँच को छोड़कर सभी को सवर्णों से भरने के बाद, राज्य मंत्रियों यानी जूनियर मिनिस्टर बनाने में सामाजिक संतुलन का ध्यान रखा गया है और जूनियर मंत्री पदों पर SC, ST, OBC को जगह दी गई है। लेकिन वहां भी स्वतंत्र प्रभार देने में खेल किया गया है।

-दिलीप मंडल

दिलीप मंडल
दिलीप मंडल

(दिलीप मंडल ब्लॉगर, विचारक और सामाजिक कार्यकर्ता हैं। इस लेख के विचार पूर्णत: निजी हैं, इस लेख को लेकर अथवा इससे असहमति के विचारों का भी myzaviya.com स्‍वागत करता है । इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है। ब्‍लॉग पोस्‍ट के साथ अपना संक्षिप्‍त परिचय और फोटो भी myzaviya.com@gmail.com भेजें।)

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36 COMMENTS

  1. दिलीप मन्डल जी भारत की किर्केट टीम में एक भी दलित नहीं है,और मैं हेरान हूं कि आपका धयान इस ओर नहीं गया।

  2. Hehehe sahi hai boss……. Itne reservation k bad bhi ye hal hai, Itni complaint. Had ho gayi ye to….. Lol. Ye jati vyavastha sahi m buri hai constitution se or reservation se ye rule Hi hata dena chahiye sir. Jo cast p desh ko bant rahi hai. Socho agar reservation se ye cast hata Di jaye to sabhi talented log Jo Google HCl Microsoft etc ko services de rahe hai India ko kaha pahucha dete……

    • Chandra Shekhar Sharma jee, ye jati vyavastha sahi mein buri hai, Sare insaan ek jaise hote hai , phir bhi hamare jati vyavastha desh ko bant rakha hai, aur dalit garib log upper caste se sosit ho rahe hai. Ye jati vyavastha sambidhan ne nehin banaya hai. Ise kai hajaro saal pehle app logo ne bana rakhe hai, taki garib log app logo ki gulam bankar rahe. Jab garib logo ko din ke do time ke khana aur rehna na milrahaho, o pane bache ko kya khak padhayega. App logo jaise log samaj ki upper level mein hote hai, jo un logo ko age badhne nehin dete hai, to aise reservation 1000 saal rahega phir bhi o log jaise hi yese rahenge, Aur google/ microsoft ki baat kar rahe ho, hamare desh mein bhi minister se lekar official level tak sare app jaise talented log hai kai saalo se , to desh ki halat keliye koun jimedaar hai app bataye ? Jo reserved catagory se thode bahat lo hai , 3rd aur 4rth grade mein milenge , un logo ki bajah se desh kaise pichhe rah raha hai ? Jara imandari se sochiye desh ye halat ke liye kaun jimedaar hai ?

  3. जातिवाद बुरा है पर उससे भी बुरा यह है कि पढ़े-लिखे लोग नौकरी-धंधे और मौज मस्ती के अलावा समाज कल्याण के लिए कोई समय-श्रम नहीं निकलते हैं । अगर यह होने लगे तो देश कोई पिछड़ा ना रहेगा ।

  4. To kya kahna chahte ho gadhe ko ghore ki sawari karne dena chahiye
    1 baat janlo ghore ka koi jaat nahi hota race me wahi ghora aage hota hai jo fast hota hai reservation se sirf government job le sakte ho jaha talent ki baat hogi waha to talented hi honge

  5. योग्यता के मायने जातिगत क्यों होते जा रहे है…??? आओ योग्यता क्षमता बढ़ाकर आगे बढ़े… हमें व हमारे समाज को नही चाहिये भीख में मिली कोई पद प्रतिष्ठा …
    भारतीय समाज जाती व धर्म के नाम पर आत्मीयता के साथ अपनी जाती के व्यक्ति का विशवास सरलता से पा लेता है…
    महशूश होता है जब कोई ईमानदारी से किसी पार्टी या संगठन का कार्य करता है …किसी की व्यक्तिभक्ति नही करता तो पद व वरिष्ठता से दूर कर दिया जाता है …. और अयोग्य व चापलूस लोग आगे बढ़ जाते है… जो देश समाज के लिए नुक्शान दायक है… समाज व देश को तोड़ते है ऐशे लोग….
    विचारणीय विषय है कि क्या जाती विशेष के लोग ही बिना काबिलियत चाटुकारिता या व्यक्तिभक्ति के कारण पद प्रतिष्ठा व धर्म-समाज के नायक बने रहेंगे
    विषय केवल कोसने का नही…?? योग्यता क्षमता बढ़ाकर आगे बढ़ने का है…..
    आओ आगे बढ़े …मिलकर चले….

    • Yadav ji aaj se pahle lagbhag sau saal pahle kitni pichdi jati ke log naukri pate the aur aaj kitne paa rahe hai in uchi jatiyo ne sabko shiksha ke adhikar se hi vanchit rakkha age kya badoge ghanta ab arakshan ki badaulat bc aur sc age bade hai to inhe kast ho raha hai jara kisi mandir ke bare me batao usme pujari pad per inka arakshan nahi hai himmat hai inme to kisi bhi samaj chahe bc ho ya sc kabil vedo ke gyata kopujari bana ke dekhe baat kerte hai arakshan ki

  6. Jatiwad ko badhava dene ka kaam jinhone kiya hey wo hi log reservation ka virodh kartey hey…Ek taraf ye jatiwad mitane ki koi baat nahi karte aur dushari aur usi jatiwad ke sataye huve logo ko jab reservation diya jata hey to uska ye virodh karte hey….matlab saaf hey ki ye apna varchasva banaye rakhne ke liye aisi harkatey karte rahte hey…ek baat aur hey ki inko pichadi jati ke log thodi si bhi tarraqi kare to ye inse bardast nahi hota is liye bhi aisi betukki bate karte hey…..inka dimagi santulan na pahle tha na abhi hey…..Ye sirf pichdo ko pichda hi rahane dena chahte hey aur iske liye sare hathkande apna rahe hey….

  7. बेटा कुछ भी नहीं उखाड़ सकते हो ब्राम्हणों का तुम तुम नीच लोगो के मुह नहीं लगना चाहता मगर बोलना पड़ा कहते है कुत्ते से दोस्ती करो तो ओ मुह चाटता है ठीक वही हाल है तुम लोगो का अगर एक बाप की औलाद है तो पोस्ट के नीचे अपना नम्बर डाल फिर दिखता हूँ तुझे पोस्ट पढ़के तो यही लगता है साले मंडल जरूर किसी ब्राम्हण ने तेरी माँ बहन को ठोका होगा

  8. तिवारी जी,
    सच हमेशा कडवा होता है ये तुमने साबित कर दिया। वरना इतनी गंदी गाली देते हुए शर्म तो आती, यह भारतीय संस्कृति नहीं है।।

    • ऐसे पोस्ट पढ़के बड़ा आनंद आता है। “कपोलकल्पना, biasness, और जलनशीलता ” की पराकाष्ठा है ये पोस्ट। ये पोस्ट पढ़के वैसे ही लगा, जैसे “पाकिस्तान कहता है ढोल पिट पिट कर , कि भारत हमारे यहाँ छद्म आतंकवाद चला रहा है”. …. हंसी आती है पोस्ट पर, सोच पर और चुने गए शब्दों पर। ……. जरा भी सामाजिकता और परम्परा का ज्ञान होता, थोड़ी रिसर्चर वाली सोच होती , तो इमेज अपलोड करने वक़्त यह जरूर सोचा गया होता, कि “यह फोटो पति-पत्नी की है”…….. जनेऊ धारण करके केवल अंडरवियर पर कोई पंडित rituals नहीं कराता। …….. जय हो जय हो!

  9. आरक्षण खत्म करने से जातिवाद ख़त्म नहीं होगा रोटी बेटी यानी आपस में रिशतेदारी खाना पीना बैठ उठ से समाप्त होगी जाति व्यवस्था कोई तैयार हैं !या होगें तो कितने लोग मुझे नहीं लगता जीरो शुन्य प्रतिशत भी हो पाये हाँ ये सौर हैं जो पड़ेगा गाली जरूर देना चाहें या मैसेज करके या फिर अपनें आप में जय हिन्द जय भारत जय भीम

  10. तिवारी जी आप सच मे तिवारी हो आप की भाषा से नहीं लगता वैसे इंसान छोटा या नीच नही होता अपितु इंसान की मानसिकता दर्शाति हैं वो नीच हैं या उच्च !

  11. कई शताब्दीयों से हिन्दू धर्म का पतन करने वाले , वास्तव में धर्म के तथाकथित रखवाले ही हैं , मैं सिर्फ कुछ उनलोगों के बारे में कहना चाहता हूँ ,जिन्होंने स्वार्थपरक सोच,मनुवाद के सिद्धांतों का आह्वान किया ,साथ ही पीढ़ी दर पीढ़ी मनुवादी सामाजिक बुराइयों को कम तो नहीं किया बल्कि लगातार पुरजोर शक्ति से बढ़ावा दिया , जिससे सामाजिक विषमतायें,तिरस्कार ,शोषण ,छुआछूत ,बालविवाह,सतीप्रथा , दासप्रथा को बढ़ावा मिलता रहा है ,और वास्तविकता में इसी कारण उच्चकुलीन समाज या शिक्षित समाज का चारित्रिक पतन हुआ है, जिससे देश में भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिला है , इन्हीं सभी बातों को भारत के शिक्षाविदों , बुद्धिजीवियों ने समय समय पर उठाया है , तब जाकर इन बुराइयों के विरुद्ध आजाद भारत में ,हमने कानून बनाये हैं ,लेकिन आरएसएस इन बुराइयों को खत्म होने देना नहीं चाहता है ,आरएसएस ने बाबासाहब अम्बेडकर,महात्मा गाँधी ,नेहरू आदि के सामाजिक सुधारों को तथा वैज्ञानिक विकास करने वाले लोगों की सोच के प्रखर विरोधी रहे हैं ,आरएसएस इन्हीं बुराइयों को जीवित रखना चाहता है ,इसके लिए आरएसएस ने सदैव विज्ञान से दूरी बनाये रखी, तथा हिंदुओं को वैज्ञानिक शोध , तकनीकी विकास से दूर रखा ,देश में यही सोच , भारत के विकास में रोड़े, अटकाती है , देश की प्रतिभाओं को , शिशुमंदिर और शाखाओं के माध्यम से गैर जरूरी कुप्रथाओं और थोथे विचारों को जीवित रखना सिखाती है , देश का इससे भला नहीं होगा , कदाचित आरएसएस देश की प्रतिभाओं को देश के विकास की तरफ उन्मुख कर देती तो , शायद आज भारत दुनिया को नियंत्रित कर रहा होता ,आज देश का हाल ये होगया है की , भारत विकास के शिखरों को चढ़ते चढ़ते , उलटे पाओं फिरसे सीढ़ियां उतरने लगा है |

  12. दिलीप मंडल जी — एक प्रश्न का जबाव चाहता हूँ ! प्रश्न ए है :— दलित कौन सी जाति है ? यदि जाति नहीँ है तो इसकी परिभाषा क्या है ?
    दिलीप मंडल जी :– आप का नाम ” दिलीप है , और दिलीप प्रभू राम के वंशज थे , फ़िर आप के माता -पिता ने यह नाम क्यों रखा ? दिलीप मंडल जी :– आप की जाति शायद ” मंडल ” है , और मंडल जाति शायद जातीय व्यवस्था के अनुसार
    ” शूद्र ” में आते है जिसका लाभ ” आरक्षण ” आप को मिल रहा है न , पर यदि ” शूद्र ” होना पाप है तो आरक्षण का
    परित्याग कीजिये और ” आइये सवर्ण ” बन जाइये !
    दिलीप मंडल जी :– वर्ण व्यवस्था का विरोध करना तो जायज लगता है , लेकिन जाति का विरोध करना ” आप की
    विक्षिप्त मानसिकता ” प्रदर्शित करती है :– भाई हम सब हिन्दू है , आप भी स्कूल में फार्म भरते समय ज़रूर लिखें होंगे
    धर्म :- हिन्दू ! और दलित :— कोई जाति नहीँ है , दलित तो हर जाति में मिलेंगे , जो दबे कुचले गरीब है वहीँ
    तो ” दलित ” है , इसे तो ” केवल मायावती ” ने वोट बैंक ” मजबूत करने के लिये ” कौम ” से जोड़ दिया है !
    और तो दलित :— आप को ब्राह्मण में , क्षत्रियों में , कायस्थो में , बनियों में , जिन्हे ” आरक्षण ” नहीँ मिलता , उन सभी कौमों में मिलेंगे ! ” पर उनको दलित नहीँ कहा जाता ” क्यों ? क्योंकि ” मायावती ने वह ट्रेडमार्क ” अपने वोट के लिये
    ” आरक्षित ” कर रखा है ! ” तमाम आप के दलित हजारो करोड़ के मालिक है , लेकिन है ” दलित ”
    अब कैसी आजादी चाहते हो भाई ? ” अगर हिन्दू धर्म से या अन्य हिन्दू जातियों से इतनी नफ़रत है तो आप ही क्या
    ” धर्म परिवर्तन ” के लिये सभी आजाद है ! इस मामले में भारत सबसे सुंदर देश है ” धर्म निरपेक्ष ” लेकिन किसी जाति
    या धर्म की अवहेलना या बुराई करना ” आप को शोभा नहीँ देता ” है तो आप भी हिन्दू ही ?
    ” दिलीप मंडल जी :– ” हमारे मुख से कोई शब्द भूल से निकले तो ” दलित अपमान ” हो जायेंगा और ” कोहराम ” मच जायेंगा ! वही पर ” कोई मुस्लिम वहीँ शब्द बोल देगा ” तो ॐ शांति , रहेंगी , क्यों ऐसा क्यों ?
    ” क्योंकि वोट की बात है , मुस्लिम वोट नहीँ मिलेगा ” इस लिये मुस्लिम ” बाबाजी साहब ” को गाली देंगे ” कोई
    कुछ नहीँ बोलेगा ” क्योंकि मायावती ” जानती है , वोट बैंक खिसक जायेंगा !
    इस लिये भाई वर्ण व्यवस्था का ” त्याग ” कीजिए , आइये सवर्ण बन जाइये ” दलित ” का दंश त्यागिए
    हिंदू हो ! हिंदू बन कर रहिए ” आपस में आग उगलना बन्द कीजिए ! मोदी जी देश भक्त है , जाति भक्त नहीँ
    ” 60 वर्षों बाद भारत को एक नेक शासक , एक नेक राष्ट्र भक्त , एक ईमानदार नेता मिला है , सुकून से देश
    चलाने दीजिये ” सब्र रखिये अगले चुनाव में जाति की राज़ नीति ” करने वाली मायावती जी को जिताइये और
    ” भारत का पी एम बनाइये ” लेकिन मंडल जी :– आग उगलना बन्द कीजिए , इससे मान्सिक रोगी बनने की आशंका रहती है !
    हाँ दिलीप मंडल जी ” जाति बाद ” कोई भी हो चाहे ब्राह्मण वाद , ठाकुर वाद , यादव वाद , आप का दलित वाद , या फ़िर मुसलमान वाद ( जिसके पीछे , लगभग सभी राजनैतिक पार्टीया पड़ी है ) सब आतंक वादी है ” ज़हर हैं ” जिसकी शुरुआत
    सबसे पहले इस ” भारत में ” मान कांशीराम और मायावती ने शुरू की हैं !
    इसका कारण वोट के लिये ” मुस्लिम प्रेम मात्र ” था
    तो आँखे खोलिये ” हिन्दू हो हिन्दू बन कर ही रहिए “

  13. MODI 1 STOOL CAST..HAE…..ACHE…INSAAN BANO…EDUCATED LOG….JAATI PAATI PER BAAT NAHI….AGAR PHIR APNI MAA-BAHEN …..#2^5%….HEI…TO”” VED “‘PAD LE ….JAATI PAATI SAMAJ AA JAYE GI……HINDU SMAAJ MEI JAAATI PAATI KESE AAYI..AUR KISNE HAWA DI……..AAAGE JA KAR VOTE BANK KARNE BAALE KO HATHIYAAR MIL GAYA…..

  14. एक बात समझ में नही आती है कि जब 500 साल मुसलमानों ने और 200 साल अंग्रेजों ने राज किया ,,,तो फिर ब्राह्मणों ने दलितों पर अत्याचार कब कर दिया,,
    500 साल में मुसलमानों ने दलितों को अपना दमाद बनाया था क्या,,
    200 साल में अंग्रेजों ने दलितों को वायसरॉय बनाया था क्या,,
    सबसे ज्यादा अत्याचार और जबरन धर्म परिवर्तन मुस्लिम शाशको ने किया दलितों के साथ,,
    उन्ही के वंसज आज जय भीम जय मीम का नारा लगा रहे हैं ,,विभत्स हास्यास्पद,,

  15. दलितों का गुनाहगार कौन

    दलित शिवाजी महाराज हिन्दू हृदय सम्राट हैं,
    एकनाथ, तुकाराम, रैदास जैसे,
    अनेकों दलित हिन्दुओं के संत हैं,
    वेद व मनुस्मृति पर आधारित आर्यसमाज में,
    अनेक दलित ब्राम्हण हैं,
    जिनके पैर सभी हिन्दू छूते हैं,
    अनेक मंदिरों के पुरोहित दलित हैं,
    जिनसे सभी हिन्दू आशीर्वाद लेते हैं,
    हमारे यहाँ अनकोें दलित राजा हुए हैं,
    जिनके अधीनता सभी हिन्दुओं को स्वीकार्य था,
    पुराने काल की बात करें तो,
    रामायण लिखने वाले दलित वाल्मिकी,
    राम के भी पूज्य थे, लव – कुश के गुरु थे,
    आज भी पूज्य हैं,
    महाभारत के लेखक दलित वेदव्यास सबके पूज्य थे,
    आज भी पूज्य हैं,
    दलितों के भगवान बुद्ध,
    विष्णु भगवान के दसवें अवतार हैं,

    जबकि,
    पिछले एक हजार वर्षों से,
    भारत के शासक हिन्दू नहीं मुस्लिम थे,
    उसके बाद दो सौ वर्षों तक,
    भारत के शासक हिन्दू नहीं ईसाई थे,
    पिछले सत्तर वर्षों तक,
    सेकुलर व दलितों के शुभचिन्तक बुद्धिजीवियों / कम्युनिस्टों / समाजवादियों का राज रहा,
    दलितों / मजदूराें / किसानों,
    की हमदर्द पार्टियों का शासन रहा तो,
    दलितों का असली शत्रु कौन ?

    दलित मायावती चार बार सीएम रहीं,
    दलितों का कितना उत्थान हुआ ?

    हजारों – करोड़ का लेदर इण्डस्ट्री उनसे कैसे,
    किसने चालाकी से छीना ?

    सीवेज ट्रीटमेण्ट की परिपाटी उनसे जबरन किसने करवाई ? हरमों का अपशिष्ट उनसे जबरन किसने फेकवाया ?

    पाकिस्तान व बांग्लादेश के दलितों का,
    किसने सफाया किया ?

    जरा ठण्ढ़े दिमाग से सोचिएगा;

    आरक्षण की व्यवस्था ने,
    सब दलितों को नौकरी दे दिया क्या ?
    बाबा साहेब के मानने और मनानेवाले फर्जी आंबेडकरवादी ओं ने
    क्या सभी दलितों का उत्थान कर दिया ?

    तो आज तक आपके उत्थान न होने का,
    जिम्मेवार आप खुद हैं,
    क्योंकि आप बड़े वोटर हैं,
    आपने हीं इन सबको जीताया है,

    और आपसे भी ज्यादा वे बुद्धिजीवी, थिन्क – टैंक हैं,
    जो विदेशी फण्डिंग पे आपको बरगलाते हैं,
    हिन्दुओं को आपका शत्रु बताते हैं,
    और दलित – मुस्लिम का गठजोड़ बनाते हैं,

    सावधान वर्ना उत्थान के बजाए सफाया न हो जाए,
    क्योंकि काश्मीर से केवल पंडित हीं नहीं,
    दलित भी साफ हो गए,

  16. Bhanu ji kishi ne kaha tha ki pandit KO dadi ke liye bulao ya fir bachcha hone par bulao ya kishi dubh kam me hulao aur to air adami ke marane ke bad bhi andit hi chahiye
    Nokari me reservatio kaphi nahi Jo an rajaniti me bhi reservation chahiye baba sahab ne 10 saal me like diya tha Jo ab apaka hak ban gaya hai
    Aur agar reservation chahiye to abhi Pakistan se ladai hone Bali hai reservation bale sabase aage jab pata lagega reservation be desh kitana barabad kiya hai
    Har chij ek samay tak hi achchi hoti hai

  17. हर जाति के कुछ अमीर लोग अपने व्यक्तिगत या राजनीतिक लाभ के लिये सिर्फ हमको एक दूसरे से अलग करने का विचार सामाज मे फैला रहे हैं।
    आप सौ साल पहले की बात करते हैं
    सौ साल पहले हमारे पास लोकतन्त्र नही था हम एक नही थे हमको आज देखना चाहिए और देश विकास मे एक साथ काम करना होगा बिना किसी जातिगत भेदभाव को दरकिनार करके । अगर आप किसी भी समुदाय को छोड़ देंगे तो हम शायद हमेशा एक दूसरे से लडते रहेंगे।
    मेरा तीन साल पहले एक भी सवर्ण मित्र नही था और मुझे जब अपने SC or obc मित्रों की जरूरत पडी तो उनसे मुझे मेरी जाति के लोगों से मित्रता करने की सलाह मिली मेरी दुनिया उन सीमित थी शायद, बुरा लगा और फिर मैं अपने जीवन मे आगे बढ गया। पर वो आज भी मेरे मित्र हैं

  18. Break bharat into caste ism like English did killed 20 crore now instead of fixing problem they prefer to become slave 1300years India looted plundered how this land survived is biggest miracle education is base of reasoning not finding faults

  19. Dilip ji ese post krne k bjay aap khud devlop hoiye fir apni cast k liye kuch kriye or rhi bat #pandit pawan tiwari ki to pndit to sale bhikari the shuru SE dusro Ki bchi kuchi khate aarhe h mang k khana ya chhin k khana bs yhi aata h inhe apne bute kuch b nai h ye chhoti cast k log hi inka pet bhrte h anaj dalit or jaat jesi cast hi peda krti h in pandit bhikmngo ko qun itna twjo dete ho esi post krke desh ko saf rkhne ka kam bhi chooti cast hi krte h pandit thakur brahmn to kuda krke apna hi vinash krne PE utaru rhte h 🙂

  20. Jo vyakti kabil hai use nakara nhi ja sakta. Itni badi post per pahuchne ke liye talent chahiye na ki jati. Isro, Army, ya dusre private organization me higher post per sawarn hai aur govt me sabhi log because of reservation . Ab aap khud he dekh sakte hai govt company & private company ke Baal. Rahi jatiwad ki baat to wo sabse jyada sc, st, & obc wale he failate hai . Jati ke nam per yahi log vote mangte hai. Aaj tak ke itihas me Brahmin ne kabhi danga fasad nhi kiya reservation ya kisi aur baat ko le kar. So sir pehle apna knowledge improve kijiye aur desh ko batne wali aisi post na kijiye.

  21. मूर्खो की कमी नहीं है ,,, पहले ये बताइये की आतंकवाद क्या होता है ,,, छोडो ये पता होता तो आतंकवाद शब्द उपयोग में नही लाते ,,, आतंक फैलाना आतंकवाद होता है ,,, जो की आपके पोस्ट से लग रहा है कि आप इसमें माहिर है ,,, लोगो में आतंक का निर्माण कर रहे है ।।। दूसरी बात किसी खास सरकार ने किसी खास जाती वर्ग को मंत्री बनाया है इसका मतलब यह नहो की सारि ब्राह्मण जाती आतंकवाद फैलाती है ,,, बाबासाहेब जी की बाते इतना मानते हो तो सबसे पहले आरक्छन का विरोध कीजिये ,,, क्योंकि बाबासाहेब जी ने तो कहा था 15 साल तक आरक्छन रखै ,,, पर आप जैसे को समझने में 60 साल तक आ गया आरक्छन ।।बिच में कही आपने लिखा है कि बाबासाहेब जी ने जाती समस्या पर मुक्ति की बात की थी ,,, और दुर्भाग्य देखिये आपका पोस्ट जाती पर आधारित है ।। धन्य है देश जहां ऐसे दुर्जन भी रहते है ,,, और हमारी मज़बूरी देखिये आओ जैसे नासमझ को भी समझाना पड़ रहा है ,, असल में ये पोस्ट पढ़ने वालों को लिखा है मैंने ,,, आपसे समझदारी की कोई उम्मीद तो है नहीं ।।।

  22. और हा ये लिखना भुल गया की भले मंत्री ब्रह्मिन और राजपूत हो ,,प्रधानमंत्री की भी जाती देख लीजियेगा ।।। ,