बैतूल मक़दिस : “पूर्वी यरूशलम को फिलीस्तीन की राजधानी के रूप में मान्यता देने की अरब लीग की घोषणा”

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दुबई। जॉर्डन ने कहा कि पूर्वी यरूशलम को फिलीस्तीन की राजधानी के रूप में मान्यता दिलाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मान्यता की गुहार लगायेंगे। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा यरूशलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता दिए जाने के फैसले के बाद अगले कदम पर चर्चा के लिए छह अरब देशों के विदेश मंत्रियों और अरब लीग के महासचिव ने बैठक की है।

समाचार एजेंसी मेहर के अनुसार, जॉर्डन की राजधानी अमान में मिस्र, सऊदी अरब, फ़िलिस्तीन, संयुक्त अरब इमारात, जॉर्डन और मोरक्को के विदेश मंत्रियों तथा अरब संघ के महासचिव की बैठक हुयी जिसका उद्देश्य अतिग्रहित शहर के रूप में बैतुल मुक़द्दस के बारे में अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प के एलान के प्रभाव को सीमित करने के लिए, अंतर्राष्ट्रीय समुदाय व अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की कार्यवाही के लिए अरब देशों के दृष्टिकोण को समन्वित करना था। इस बैठक में जॉर्डन के विदेश मंत्री ऐमन सफ़दी ने कहा कि बैतुल मुक़द्दस की राजधानी वाले स्वाधीन फ़िलिस्तीनी देश के गठन के बिना क्षेत्र में शांति क़ायम नहीं हो सकती।

उन्होंने कहा कि अरब संघ इस कोशिश में है कि दुनिया बैतुल मुक़द्दस की राजधानी वाले स्वाधीन फ़िलिस्तीनी देश को मान्यता दे। उन्होंने कहा कि बैतुल मुक़द्दस की ऐतिहासिक व क़ानूनी हैसियत को बदलने वाले हर क़दम का विरोध होगा।

जॉर्डन के शासक अब्दुल्लाह द्वितीय ने भी राजधानी अमान में अरब प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाक़ात में बल दिया कि अरब देशों को फ़िलिस्तीनियों के समर्थन में आगे आना चाहिए और बैतुल मुक़द्दस की क़ानूनी व ऐतिहासिक हैसियत की रक्षा के लिए और प्रयास करना चाहिए।

ग़ौरतलब है कि अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प ने 6 दिसंबर 2017 को बैतुल मुक़द्दस को ज़ायोनी शासन की राजधानी के रूप में मान्यता देने और अमरीकी दूतावास को तेल अविव से बैतुल मुक़द्दस स्थानांतरित करने का एलान किया था जिसका न सिर्फ़ अरब देशों बल्कि योरोप सहित दुनिया भर के देशों ने विरोध किया।

सऊदी अरब के अखबार अरब न्यूज के अनुसार जॉर्डन के विदेश मंत्री ऐमन सफादी तथा अरब लीग के प्रमुख अहमद अबुल गेइत ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में पूर्वी यरूशलम को फिलीस्तीन की राजधानी के रूप में मान्यता देने की घोषणा की है।

इजरायल की राजधानी के रूप में यरूशलम को मान्यता देने का एक राजनीतिक निर्णय है और हम (पूर्व) यरूशलम के साथ अपनी राजधानी के रूप में एक फिलिस्तीनी राज्य को पहचानने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक निर्णय तक पहुंचने का प्रयास करेंगे। सफादी ने कहा कि शांति को एकमात्र तरीका फिलीस्तीनी लोगों की वैध और वास्तविक मांगों को पूरा करने का एकमात्र रणनीतिक विकल्प है।

गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिका की कई दशकों की अमरीकी नीति को उलट कर 6 दिसंबर को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता दी थी। ट्रम्प के इस विवादास्पद निर्णय का कई देशों में विरोध हुआ और इसे संयुक्त राष्ट्र महासभा में खारिज कर दिया गया था।

ट्रम्प के इस एलान के बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक प्रस्ताव पारित हुआ जिसमें बैतुल मुक़द्दस को ज़ायोनी शासन की राजधानी के रूप में मान्यता न देने का फ़ैसला किया गया है। इस प्रस्ताव के पक्ष में 128 और विरोध में 9 मत पड़े जबकि 35 देशों ने इसमें भाग नहीं लिया।


 

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