रंग देंगे UP को गेरुआ : “योगी सरकार ने लखनऊ के हज हाउस को गेरुआ रंग से रंगा”

0
47


यूपी के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहसिन रजा ने कहा है कि गेरुआ रंग ऊर्जा का प्रतीक है. इस पर विवाद नहीं होना चाहिए।

नई दिल्ली। यूपी में जब से सरकार बदली है भगवा रंग का जादू सिर चढ़ कर बोल रहा है. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को भगवा रंग से लगाव है, ये तो सभी जानते हैं. उन्होंने अपने इस लगाव को कभी छुपाया भी नहीं. अब सीएम ऑफिस से लेकर सरकारी बसों तक और सरकारी कैलेंडर से लेकर डायरी तक सब भगवा हो चुके हैं.

यूपी की सरकारी दफ्तरों पर सीएम योगी आदित्यनाथ के गेरुए रंग का असर दिखाई पड़ रहा है. सीएम सचिवालय लाल बहादुर शास्त्री भवन के बाद अब यूपी हज़ कमिटी के दफ्तर की दीवारों को भी गेरुआ रंग से रंगा जा रहा है. अब तक बिल्डिंग की दीवार सफेद और हरे रंग की थी.

यूपी के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहसिन रजा ने कहा है कि गेरुआ रंग ऊर्जा का प्रतीक है. इस पर विवाद नहीं होना चाहिए।

सीएम बनने के बाद योगी आदित्यनाथ का ऑफ़िस भी रंग में रंगने लगा था. लखनऊ के लालबहादुर शास्त्री भवन के दीवारों पर भगवा रंग चढ़ने लगा. लोग इसे एनेक्सी बिल्डिंग के नाम से जानते हैं।

एनेक्सी बिल्डिंग की चारदीवारी की पहले दीवारें सफ़ेद रंग की थी लेकिन योगी के मुख्यमंत्री बनने के बाद इन पर भगवा रंग चढ़ने लगा. मुख्यमंत्री सचिवालय के रख-रखाव की ज़िम्मेदारी राज्य संपत्ति विभाग की है. इसके निदेशक योगेश शुक्ल ने बताया कि सीएम ऑफ़िस को भगवा रंग से रंगने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री सचिवालय से आया था.

इससे पहले यूपी की कई सरकारी बसें भगवा रंग की हो चुकी हैं. जिन्हें ख़ुद योगी आदित्यनाथ ने पिछले महीने हरी झंडी दिखा कर रवाना किया था. यूपी सरकार हर साल सूचना डायरी प्रकाशित कराती है. जिसकी क़ीमत 120 रूपये है. सभी मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और अफ़सरों को ये डायरी मुफ़्त दी जाती है. अब ये सूचना डायरी भी भगवे रंग की हो गई है. इन दिनों जितने भी सरकारी कार्यक्रम होते हैं उसमें मंच से लेकर सोफ़े तक का रंग भगवा ही रहता है.

कई जिलों के डीएम ने तो अपने ऑफ़िस के परदे तक इसी रंग के लगवा लिए हैं. कुछ सरकारी अस्पतालों में मरीज़ों के बेड की चादरें भी भगवा रंग की हो चुकी हैं. सीएम योगी आदित्यनाथ ख़ुद भगवा रंग के कपड़े पहनते हैं. वे जहाँ भी जाते हैं उनकी कुर्सी पर भगवा रंग का तौलिया रख दिया जाता है. लखनऊ में उनके घर का सोफ़ा भी इसी रंग का है.

यूपी में जिस पार्टी की सरकार होती है, रंग भी उसकी पसंद का ही होता है. जब अखिलेश यादव मुख्य मंत्री थे तो सारा काम काज हरे रंग में होता था. मायावती के राज में नीले रंग का बोलबाला था.


 

Facebook Comments

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY