रियो ओलिंपिक : पीवी सिंधु हारीं, कैरोलिना मारिन को गोल्ड मेडल, पीवी सिंधु को सिल्वर मेडल

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रियो डि जेनेरो। रियो ओलिंपिक में महिला सिंगल्स बैडमिंटन के फाइनल में पीवी सिंधु को वर्ल्ड नंबर वन कैरोलिना मारिन के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। वह भारत के लिए गोल्ड जीतने से वंचित रह गईं। हालांकि उनके खाते में सिल्वर आया है, जो अपने आप में भारत के लिहाज से एक रिकॉर्ड हैं। मारिन ने सिंधु को 19-21, 21-12 और 21-15 से हराया।

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तीसरे गेम में भी मारिन ने बढ़त बनाई। सिंधु कुछ रक्षात्मक खेलती नजर आ रहीं थी। .मारिन हावी दिख रही थी। उनको देखकर लग रहा था कि वह क्यो वर्ल्ड नंबर वन हैं। मारिन के आक्रामक शॉर्ट्स का सिंधु के पास जवाब नजर नहीं आ रहा थी। वह काफी थकी हुई भी लग रही थी। लंबी रैली सिंधु ने बनाया दबाव..बाहर खेल गईं मारिन…सिंधु को अंक (2-6)…एक और अंक (3-6)…मारिन ने फिर कवर किया (8-4)…मारिन का क्रॉस कोर्ट शॉट..स्मैश में हावी…सिंधु और पीछे..(4-9)..सिंधु को एक अंक, बाएं हाथ की मारिन चकमा खा गईं 5-9…सिंधु का शानदार ड्रॉप 7-9 स्कोर…मारिन ने लॉन्ग शॉट खेला..सिंधु का अच्छा जजमेंट.. आउट..(8-9)…सिंधु का पुश बाहर..8-10..मारिन काफी तेज खेल रही हैं..सिंधु का बॉडी स्मैश.. मारिन के पास जवाब नहीं..9-10..काफी लंबी रैली..मारिन और सिंधु के बीच..सिंधु ने जीता अंक स्कोर 10-10 से बराबर…मारिन का टाइम आउट..अंपायर से कुछ चर्चा की..फिर लंबी रैली..सिंधु का पुश बाहर…मारिन को पैर में दिक्कत…लंगड़ा कर चल रही हैं…टाइमआउट…खेल फिर शुरू..मारिन को 3 अंक..स्कोर 13-10..सिंधु फिर पीछे…मारिन का रेफरल..फैसला उनके पक्ष में..स्कोर 14-10…सिंधु को अंक 11-14…मारिन को एक और अंक..15-11..सिंधु को 1 अंक 12-15…सिंधु की वापसी की कोशिश, लेकिन मारिन हावी…16-12 से आगे.., सिंधु को दो और अंक..14-16…सिंधु की अच्छी वापसी…क्या पहले गेम जैसा खेल दिखा पाएंगी सिंधु? मारिन को अंक 17-14…चालाकी से खेलती हुईं मारिन..सिंधु को छकाया..स्कोर 19-14…मारिन मैच पॉइंट की ओर..20-14 से आगे..सिंधु के हाथ से फिसल रहा मैच और गोल्ड…मैच पॉइंट बचाया..15-20…लेकिन गोल्ड हार गईं..मारिन ने सिंधु को 21-15 से हराया..गोल्ड पर किया कब्जा…।

दूसरा गेम : मारिन की आक्रामक जीत
दूसरे गेम में एक बार फिर मारिन ने लगातार 4 अंक लेकर बढ़त हासिल कर ली है…मारिन काफी आक्रामक नजर आ रही हैं..पहले गेम में वह 18-19 तक आगे थीं, लेकिन सिंधु ने जोरदार वापसी करते हुए गेम जीत लिया था..मारिन ने शॉर्ट स्मैश का सहारा लेना शुरू किया और लीड 6-1 की कर ली..सिंधु ने इस बीच मारिन को नेट पर छकाया और एक अंक लेकर स्कोर 2-7 कर लिया..सिंधु ने फिर गलती की..(स्कोर 2-8).. सिंधु नेट पर फंसती नजर आईं..मारिन उन्हें बार-बार नेट पर खिला रहीं हैं और उन्हें सफलता भी मिल रही है.8 मिनट के खेल में मारिन ने 11-2 की बड़ी बढ़त बना ली…सिंधु ने शॉट खेला जो लाइन के भीतर गिरा और उन्हें एक अंक मिल गया..(4-11)…मारिन ने फिर वापसी की और स्कोर 12-4 कर दिया..सिंधु शॉर्ट स्मैश के सामने कमजोर नजर आईं..(स्कोर 13-5)..इस बीच कोच गोपीचंद ने सिंधु को नेट से दूर खिलाने का संकेत दिया..सिंधु ने लंबी रैली में एक अंक भी लिया (स्कोर 14-6)..लेकिन मारिन ने सिंधु की नेट की कमजोरी पर फिर एक अंक ले लिया..(स्कोर- 14-7)..मारिन का करारा शॉट..15-7 से आगे..सिंधु का क्रॉस कोर्ट रिटर्न एक अंक.. (8-15)..मारिन ने स्कोर 16-8 किया..सिंधु का हाफ स्मैश मारिन नहीं संभाल पाईं और सिंधु को एक अंक मिला..सिंधु फिलहाल काफी पीछे… 18वें मिनट में स्कोर 18-9..मारिन ने लाइन के बाहर खेला, सिंधु का फायदा..लेकिन अभी भी काफी पीछे (11-18), मैच का फैसला तीसरे गेम से होने की संभावना प्रबल.. मारिन काफी आगे..(19-12)…मारिन ने सिंधु को उनकी मजबूती में ही फंसाया और लंबी रैली में 2 अंक और ले लिए..(स्कोर 21-12)..दूसरा गेम मारिन ने जीता…यह गेम 22 मिनट तक चला..।

पहला गेम : रोमांचक मुकाबले में सिंधु की 21-19 से जीत
पहले गेम का पहला अंक मारिन ने लिया, इसके बाद सिंधु ने दो अंक जुटाते हुए बढ़त बना ली. मारिन ने एक बार फिर सधा हुआ शॉट खेला और 4-3 से बढ़त बना ली..मारिन ने सिंधु की नेट पर कमजोरी को भांपते हुए उन्हें वहीं उलझाया..उनकी बढ़त 5-2 हो गई..सिंधु दबाव में नजर आईं और गलती कर बैठीं. मारिन ने इसका फायदा उठाया (स्कोर- 7-3)..सिंधु ने इस बीच एक अंक लिया, फिर मारिन ने भी अंक हासिल कर ली बढ़त को 4 अंक आगे कर लिया..सिंधु ने इसके बाद दो अंक और जुटा लिए, जबकि मारिन को भी 2 अंक मिले..सिंधु ने लंबी रैली में भी गलतियां कीं, मारिन पहले 10 मिनट में सिंधु पर हावी नजर आईं…शॉर्ट ब्रेक के बाद सिंधु ने कुछ जोर लगाया और स्कोर को कवर करते हुए 8-12 कर लिया..सिंधु ने रिकवरी करने शुरू कर दी है, अच्छा पुश किया और उन्हें सफलता मिली (स्कोर- 9-13)…सिंधु को मुकाबले में बने रहने के लिए लगातार अंक लेने होंगे…(स्कोर- 11-14).. मारिन ने बॉडी स्मैश के साथ बढ़त को 15-11 किया..सिंधु को 3 अंक और मिले, जबकि मारिन को एक अंक मिला… (स्कोर- 14-16) मारिन ने फॉल्ट किया और सिंधु को एक अंक और मिल गया (स्कोर- 15-16)..21वें मिनट में लंबी रैली चली और उसे सिंधु ने जीत लिया..स्कोर 16-17 हो गया..इस बीच सिंधु का एक शॉट मारिन के कोर्ट के बाहर चला गया..सिंधु ने रेफरल मांगा, लेकिन उनके पक्ष में नहीं गया..(स्कोर- 16-18).. मारिन ने थोड़ी लंबी चली रैली में जोरदार शॉट लगाकर पकड़ बना ली..(स्कोर-16-19)…पहला सेट रोमांचक दौर में… स्कोर- 18-19..इसके बाद सिंधु ने लगातर 3 अंक लेकर बढ़त बना ली और पहला गेम 27वें मिनट में जीत लिया….।

‘बिंद्रा के गोल्डन क्लब’ में पहुंचने पर नजर
पीवी सिंधु ने सिल्वर मेडल तो पक्का कर लिया है। अब उनकी नजर शूटर अभिनव बिंद्रा के क्लब में शामिल होने के लिए गोल्ड जीतने पर है। बिंद्रा ने बीजिंग ओलिंपिक, 2008 में गोल्ड जीता था और वह व्यक्तिगत स्पर्धा में गोल्ड जीतने वाले इकलौते भारतीय है। उन्होंने ट्वीट करके सिंधु के लिए उनके क्लब में शामिल होने की कामना भी की है। सिंधु जो बैडमिंटन फाइनल में पहुंचने वाली इकलौती भारतीय बन गई हैं, निश्चित रूप से इस क्लब में शामिल हो कर देश के लिए गौरवशाली पल लाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगी।

बैडमिंटन फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय
ओलिंपिक बैडमिंटन फाइनल में पहुंचने वाली पीवी सिंधु देश की पहली खिलाड़ी हैं। उनसे पहले साइना नेहवाल ओलिंपिक सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली खिलाड़ी थीं। सिंधु ने गुरुवार रात को सेमीफाइनल में छठी रैंकिंग वाली जापान की नोजोमी ओकुहारा को सीधे सेटों में 21-19 और 21-10 से हराया। क्वार्टर फाइनल में वर्ल्ड नंबर दो और लंदन ओलिंपिक की रजत पदक विजेता वांग यिहान को हराने के बाद पीवी सिंधु के हौसले बुलंद थे। उन्होंने मैच के बाद इसे अभिव्यक्त भी किया था और इसे अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ पल बताया था।

सिंधु ने कहा था,‘‘यह रियो ओलिंपिक है, यह जीत जीवन के सर्वश्रेष्ठ पलों में से एक है। उम्मीद है कि ऐसे कई और पल आएंगे।” दुनिया की 10वें नंबर की खिलाड़ी सिंधु ने दूसरी रैंकिंग वाली वांग को 22-20, 21-19 से हराया।

सेमी में वर्ल्ड नंबर 6, तो क्वार्टर में वर्ल्ड नंबर 2 को हराया
रियो ओलिंपिक में बैडमिंटन के महिला वर्ग में पीवी सिंधु ने जहां सेमी में वर्ल्ड नंबर 6 जापान की नोजोमी को हराया, वहीं क्वार्टर फाइनल में वर्ल्ड नंबर दो वांग यिहान को 22-20, 21-19 से हराया था। प्री-क्वार्टरफाइनल में ताइपेइ की यिंग जू ताइ को सीधे गेम में हराया. यह मैच उन्‍होंने सीधे सेटों 21-13, 21-15 में जीता। पूरे मैच में सिंधु को दबदबा रहा। उनको यह मैच जीतने में बहुत मशक्‍कत नहीं करनी पड़ी थी।

हालांकि वर्ल्ड चैंपियनशिप में दो बार कांस्य जीत चुकीं पीवी सिंधु को अपना दूसरा ग्रुप मैच जीतने के लिए एक घंटा 11 मिनट तक कठिन संघर्ष करना पड़ा था। सिंधु ने पहले गेम में कनाडा की मिशेल ली को कड़ी चुनौती दी और हार मानने से पहले 24 मिनट तक संघर्ष किया। इसके बाद दोनों सेट जीतकर प्री-क्वार्टर फाइनल (राउंड ऑफ-16) में जगह बना ली. सिंधु ने ली को 19-21, 21-15, 21-17 से हराया।

पीवी सिंधु ने अपने पहले मैच में शानदार जीत दर्ज की थी और हंगरी की लौरा सारोसी को सीधे गेम में 21-8, 21-9 से हराया था। ओलिंपिक में सिंधु को नौवीं रैंकिंग मिली है। उन्होंने ग्रुप-एम के अपने पहले मैच में दमदार प्रदर्शन करते हुए पहला गेम 13 मिनट में और दूसरा गेम 14 मिनट में अपने नाम किया था।