“सोनू निगम को अज़ान से कोई परेशानी नहीं, केवल पदमश्री की लालसा” – शुऐब शाहिद

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सोनू निगम ने जिस प्रकार के शब्दों का प्रयोग किया है वह निंदनीय है। और इस बयान पर जिस तरह से कल से पूरा मीडिया व्यस्त है ये हैरानी की बात है। हालाँकि मुझे हैरानी किसी और बात पर हो रही है।

जब मैं बम्बई में रहता था तो उस दौरान बम्बई के तकरीबन सभी इलाकों की मस्जिदों में नमाज़ें पढ़ी हैं। बम्बई में सोनू जहाँ रहते हैं वह इलाका अँधेरी (वेस्ट) में वरसोवा नाम की जगह है। और वरसोवा में भी उस जगह (अमरनाथ टावर/जहाँ सोनू रहते हैं) से अगर आप किसी नज़दीकी मस्जिद में जाना चाहते हैं तो 2 विकल्प हैं:

1. नूर मस्जिद : तीन डोंगरी के पास (दूरी तकरीबन 6 किमी.)
4. अक़्सा मस्जिद : मोमिन नगर (दूरी तकरीबन 5 किमी.)

मस्जिदों का तो व्यक्तिगत रूप से अनुभव है, इसलिए बता सका हूँ। कुछ और बातें ढूँढने पर पता चली हैं।

यदि आप निवास स्थान से किसी नज़दीकी मन्दिर में जाना चाहें। जहाँ रोज़ाना आरती होती हो तो 2 विकल्प हैं:
1. गणेश मन्दिर – आराम नगर पार्ट 2, मछलीमार (दूरी तकरीबन 700 मीटर)
2. गणेश मन्दिर – रतन नगर, चार बँगला (दूरी तकरीबन 2 किमी.)

यदि आप निवास स्थान से किसी नज़दीकी गुरूद्वारे में जाना चाहें, जहाँ रोज़ाना अरदास होती हो तो आपके पास 2 विकल्प हैं:
1. गुरुद्वारा सचखण्ड दरबार – वरसोवा रोड (दूरी तकरीबन 1 किमी.)
2. गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा – चार बँगला (दूरी तकरीबन 2 किमी.)

आप खुद अंदाज़ा कीजिये कि इस बयान का मतलब क्या है…………?

इस समय एक हवा चल रही है खुद को मशहूर करने की। इस्लाम पर या मुसलमानों पर कुछ कहिये, JNU को गालियाँ दीजिये या और जो कुछ भी कर सकें संघ परिवार को अपनी वफ़ादारी साबित करने के लिए। यह सब कुछ कीजिये।

…..आखिर पदमश्री इतने आसानी से भी हाथ कहाँ लगते हैं।

सच बात ये है कि ना हिन्दू को अज़ान से कोई परेशानी है और न ही मुसलमानों को आरती से।

अच्छा लगता है जब सुबह की शुरुआत ईश्वर के नाम से हो……………।

थोड़े बहुत मतभेद हैं, थोड़े शब्दों पर भी आपत्ति हो सकती है, तरीके भी अलग हो सकते हैं लेकिन हकीकत तो यही है कि जाने-अनजाने पुकारते तो सब उसी एक ईश्वर को हैं जो मेरा और आपका अन्नदाता है।


– शुऐब शाहिद

शुऐब शाहिद
शुऐब शाहिद

(शुऐब शाहिद, डिज़ाइनर हैं। शुऐब शाहिद राष्ट्रीय पत्र-पत्रिकाओं में कॉलम लिखते हैं। शुऐब शाहिद फेसबुक यूज़र हैं। यह लेख उनकी टाइम लाइन से लिया गया है। इस लेख के विचार पूर्णत: निजी हैं, इस लेख को लेकर अथवा इससे असहमति के विचारों का भी myzavia.com स्‍वागत करता है । इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है। ब्‍लॉग पोस्‍ट के साथ अपना संक्षिप्‍त परिचय और फोटो भी myzavia.com@gmail.com भेजें।)


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