सोमनाथ मंदिर के पुजारी का वीडियो : “बीजेपी की स्तरविहीन हार्डकोर क्रिमिनल पाॅलीटिक्स” – मुहम्मद ज़ाहिद

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उच्च “चाल चरित्र और चेहरे” को सामने रख कर अपनी राजनीति की शुरुआत करने वाली भाजपा-संघ, अटल-अडवाणी-जोशी-जशवंत-यशवंत के नेपथ्य में चले जाने के बाद हार्डकोर क्रिमिनलों के नेतृत्व में उसी “चाल चरित्र और चेहरे” का बलात्कार करके केवल और केवल सत्ता की राजनीति कर रही है।

भारतीय राजनीति में कितना भी खराब दौर रहा हो परन्तु नेताओं का आपस में लाख विरोध के बावजूद एक संवाद और देश के लिए विचार-विमर्श की गुंजाईश सदैव रही है।

यही कारण था कि इंदिरा गाँधी ने अटल बिहारी बाजपेयी को विपक्ष में रहते हुए भी देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ में भेजा था तो इंदिरा गाँधी भी इन्हीं अटल बिहारी बाजपेयी द्वारा “दुर्गा” कहलाईं।

जवाहरलाल नेहरू ने अपने पहले मंत्रीमंडल में घोर वैचारिक मतभेद वाले संघियों को भी ससम्मान स्थान दिया था तो राजीव गाँधी बाजपेयी के स्वास्थ की मदद के लिए आगे आकर उनका इलाज करवाया।

भारतीय राजनीति में ऐसे सैकड़ों उदाहरण मौजूद हैं जो कि आज के हार्डकोर क्रिमिनल पालीटिक्स में अब एक भी मिल जाए ऐसा संभव होता नहीं होता।

आज भारत की राजनीति में अराजकता और संवादहीनता के चरम पर वह सब कुछ हो रहा है जो कि देश की स्वस्थ राजनीति के लिए घातक है।

भाजपा और संघ आज की राजनीति को “गैंगवार पालीटिक्स” के रूप में करती है जिसमें विरोधियों का काम तमाम करना ही मुख्य उद्देश्य होता है।

बराक ओबामा के पिता कीनिया के नागरिक थे जो कि मुसलमान थे , उनकी माता अमेरिकन क्रिश्चियन थीं इसके बावजूद वह अमेरिका के दो दो बार बेहद लोकप्रिय राष्ट्रपति बने।

उनसे किसी ने उनका धर्म नहीं पूछा और ना ही उनके पिता के विदेशी मूल पर सवाल उठाए।रंगभेद हिंसा से कभी प्रभावित रहे गोरे बहुसंख्यक अमेरिकन्स ने एक “ब्लैक” बराक ओबामा को अपने देश का दो दो बार राष्ट्रपति चुना तो यह उस देश के राजनैतिक परिपक्वता और समझ के स्तर को बताता है।

और बताता है कि अमेरिका क्युँ सुपर पावर है? क्युँकि वहाँ के लोग अपनी उर्जा फालतू के चक्करों में खर्च नहीं करते।

भाजपा-संघ ने भारतीय राजनीति के स्तर को रसातल पर पहुँचा दिया है और गुजरात चुनाव में इसकी एक और बानगी देखी जा सकती है।

अब राहुल गाँधी के धर्म पर यह सवाल उठाने लगे हैं जैसे इनको अपनी बहन बेटी उनसे ब्याहनी है। क्युँकि जब बहन बेटी ब्याहना होता है तभी किसी का धर्म जाति गोत्र देखा जाता है।

दरअसल भाजपा के पास गुजरात चुनाव में बताने के लिए और कोई मुद्दा है ही नहीं , राहुल-अल्पेश-जिग्नेश-हार्दिक की चौकड़ी से घिर चुकी भाजपा-संघ की सभाओं में केवल खाली कुर्सियाँ बताती हैं कि इनका किला ढहने वाला है तो राहुल की कुंडली पर यह लोग महाभारत प्रारंभ कर चुके हैं।

ममता बनर्जी ने जब बुद्धदेव भट्टाचार्या को हराकर सीपीएम की 35 साल पुरानी सत्ता को पटखनी दे दी थी तब कई दिनों तक लोग विश्वास ही नहीं कर पा रहे थे कि पश्चिम बंगाल में माकपा को कोई हरा भी सकता है वैसी ही स्थिति गुजरात को लेकर है।

धीरज रखिए , आपको यहाँ भी विश्वास करना ही पड़ेगा कि गुजरात की जनता इन हार्डकोर क्रिमिनल को नकार चुकी है।

फिलहाल स्वामी नारायण मंदिर के मुख्य पुजारी का राहुल गाँधी के सोमनाथ मंदिर विवाद पर प्रतिक्रिया सुनिए:


-मुहम्मद ज़ाहिद

मुहम्मद ज़ाहिद

(मोहम्मद जाहिद मीडिया एक्टिविस्ट हैं, इनकी लेखनी बेबाक है। मुहम्मद ज़ाहिद फेसबुक यूज़र हैं। मुहम्मद ज़ाहिद की एक वेबसाइट भी है जिसका नाम www.mohdzahid.com है। यह लेख उनकी फेसबुक की टाइम लाइन से लिया गया है। इस लेख के विचार पूर्णत: निजी हैं, इस लेख को लेकर अथवा इससे असहमति के विचारों का भी myzavia.com स्‍वागत करता है । इस लेख से जुड़े सभी दावे या आपत्ति के लिए सिर्फ लेखक ही जिम्मेदार है। ब्‍लॉग पोस्‍ट के साथ अपना संक्षिप्‍त परिचय और फोटो भी myzavia.com@gmail.com भेजें।)


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