क़ुरआन दुनिया में अकेली किताब है जिसमे लिखा है कि तुम एक भी गलती ढूंढ़कर बताओ और तुम ऐसा हर्गिज नहीं कर पाओगे – डॉ. गैरी मिलर

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क़ुरआन दुनिया में अकेली किताब है जिसमे लिखा है कि तुम एक भी गलती ढूंढ़कर बताओ और तुम ऐसा हर्गिज नहीं कर पाओगे – डॉ. गैरी मिलर 

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एक अहम ईसाई धर्म प्रचारक कनाडा के गैरी मिलर ने इस्लाम अपना लिया और वे इस्लाम के लिए एक महत्वपूर्ण संदेशवाहक साबित हुए। मिलर सक्रिय ईसाई प्रचारक थे और बाइबिल की शिक्षाओं पर उनकी गहरी पकड़ थी। वे गणित को काफी पसंद करते थे और यही वजह है कि तर्क में डॉ. मिलर का गहरा विश्वास था।

डॉ. गैरी मिलर कहते हैं, “साइंस का एक जाना पहचाना सिद्धांत है जो आपको गलतियां और कमियां निकालने का अधिकार देता है, जब तक कि यह सही साबित ना हो जाए। इसे फालसिफिकेशन टेस्ट कहते हैं।”

डॉ. मिलर कहते हैं, “ताज्जुब की बात है कि कुरआन खुद मुसलमानों और गैर मुसलमानों से इस किताब में कमियां निकालने की कोशिश करने को कहता है और दावा करता है कि वे इसमें कभी कोई कमी नहीं तलाश पाएंगे।” 

वे  कहते हैं, “दुनिया में कोई ऐसा लेखक नहीं है जो कोई किताब लिखकर यह कहने की हिम्मत कर सके कि उसकी लिखी किताब में किसी भी तरह की कमी नहीं है। दूसरी तरफ कुरआन कहता है कि उसमें कोई कमी या दोष नहीं है और कहता है कि तुम एक भी गलती ढूंढ़कर बताओ और तुम ऐसा हर्गिज नहीं कर पाओगे।”

0एक अहम ईसाई धर्म प्रचारक कनाडा के गैरी मिलर ने इस्लाम अपना लिया और वे इस्लाम के लिए एक महत्वपूर्ण संदेशवाहक साबित हुए। मिलर सक्रिय ईसाई प्रचारक थे और बाइबिल की शिक्षाओं पर उनकी गहरी पकड़ थी।

वे गणित को काफी पसंद करते थे और यही वजह है कि तर्क में मिलर का गहरा विश्वास था। एक दिन गैरी मिलर ने कमियां निकालने के  मकसद से कुरआन का अध्ययन करने का निश्चय किया ताकि वह इन कमियों को आधार बनाकर मुसलमानों को ईसाइयत की तरफ बुला सके और उन्हें  ईसाई बना सके।

वे सोचते थे कि कुरआन चौदह सौ साल पहले लिखी गई एक ऐसी किताब होगी जिसमें रेगिस्तान और उससे जुड़े कहानी-किस्से होंगे। लेकिन उन्होंने कुरआन का अध्ययन किया तो वह दंग रह गए। कुरआन को पढ़कर वह आश्चर्यचकित थे। उन्होंने कुरआन के अध्ययन में पाया कि दुनिया में कुरआन जैसी कोई दूसरी किताब नहीं है।

पहले डॉ. मिलर ने सोचा था कि कुरआन में पैगम्बर मुहम्मद सल्ल. के मुश्किल भरे दौर के किस्से होंगे जैसे उनकी बीवी खदीजा रजि. और उनके बेटे-बेटियों की मौत से जुड़े किस्से। लेकिन उन्होंने कुरआन में ऐसे कोई किस्से नहीं पाए बल्कि वे कुरआन में मदर मैरी के नाम से पूरा एक अध्याय देखकर दंग रह गए।

डॉ. मिलर ने  पाया कि मैरी के अध्याय सूरा मरियम में जो इज्जत और ओहदा पैगम्बर ईसा की मां मरियम को दिया गया है वैसा सम्मान उन्हें ना तो बाइबिल में दिया गया और ना ही ईसाई लेखकों द्वारा लिखी गई किताबों में वह मान-सम्मान दिया गया।

यही नहीं डॉ. मिलर ने पैगम्बर मुहम्मद सल्ल. की बेटी फातिमा रजि. और उनकी बीवी आइशा रजि. के नाम से कुरआन में कोई अध्याय नहीं पाया। उन्होंने जाना कि कुरआन में ईसा मसीह का नाम 25 बार आया है जबकि खुद मुहम्मद सल्ल. का नाम केवल चार बार ही आया है। यह सब जानने के बाद वे ज्यादा कन्फ्यूज हो गए।

वे लगातार कुरआन का अध्ययन करते रहे इस सोच के साथ कि इसमें उन्हें जरूर कमियां और दोष पकड़ में आएंगे लेकिन कुरआन का अध्याय अल निशा की 82 आयत पढ़कर वे आश्चर्यचकित रह गए,  इस अध्याय में हैं-

क्या वे कुरआन में गौर और फिक्र नहीं करते। अगर यह अल्लाह के अलावा किसी और की तरफ से होती तो वे इसमें निश्चय ही बेमेल बातें और विरोधाभास पाते।

कुरआन की इस आयत के बारे में डॉ. गैरी मिलर कहते हैं, “साइंस का एक जाना पहचाना सिद्धांत है जो आपको गलतियां और कमियां निकालने का अधिकार देता है जब तक कि यह सही साबित ना हो जाए। इसे फालसिफिकेशन टेस्ट कहते हैं।”

डॉ. मिलर कहते हैं, “ताज्जुब की बात है कि कुरआन खुद मुसलमानों और गैर मुसलमानों से इस किताब में कमियां निकालने की कोशिश करने को कहता है और दावा करता है कि वे इसमें कभी कोई कमी नहीं तलाश पाएंगे।” 

वे  कहते हैं, “दुनिया में कोई ऐसा लेखक नहीं है जो कोई किताब लिखकर यह कहने की हिम्मत कर सके कि उसकी लिखी किताब में किसी भी तरह की कमी नहीं है। दूसरी तरफ कुरआन कहता है कि उसमें कोई कमी या दोष नहीं है और कहता है कि तुम एक भी गलती ढूंढ़कर बताओ और तुम ऐसा हर्गिज नहीं कर पाओगे।”

कुरआन की दूसरी आयत जिससे डॉ. गैरी मिलर प्रभावित हुुए वह है सूरा अंबिया जिसमें है-

क्या उन लोगों ने जिन्होंने इनकार किया, देखा नहीं कि ये आकाश और धरती मिले हुए थे। फिर हमने उन्हें खोल दिया। और हमने पानी से हर जिंदा चीज बनाई, तो क्या वे मानते नहीं ? 

 कुरआन (21:30)

डॉ. मिलर कहते हैं, “यह आयत दरअसल वैज्ञानिक अनुसंधान का विषय है, इस विषय पर 1973 में नोबेल पुरस्कार दिया गया और जो महान विस्फोट की थ्योरी से संबंधित है। इस थ्योरी के मुताबिक इस ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति इसी विस्फोट के परिणामस्वरूप थी।”

डॉ. गैरी मिलर कहते हैं, “अब हम बात करते हैं पैगम्बर मुहम्मद सल्ल. को शैतान द्वारा मदद करने के दुष्प्रचार के बारे में।”

अल्लाह कुरआन में कहता है-

इसे शैतान लेकर नहीं उतरे हैं। यह काम न तो उनको सजता है और न ये उनके बस का ही है। वे तो इसके सुनने से भी दूर रखे गए हैं।

कुरआन(26:210-212)

अत: जब तुम कुरआन पढऩे लगो तो फिटकारे हुए शैतान से बचने के लिए अल्लाह की पनाह मांग लिया करो। 

कुरआन (16: 98)

डॉ. मिलर कहते हैं, “आप खुद सोचिए और बताइए क्या यह शैतान द्वारा रचित किताब हो सकती है। शैतान खुद अपने लिए ही आखिर क्यों कहेगा कि कुरआन को पढऩे से पहले तुम शैतान से बचने के लिए अल्लाह की पनाह मांगों।”

क्या यह चमत्कारिक कुरआन की चमत्कारिक आयत नहीं है ?

क्या यह आयत उन लोगों के मुंह पर करारा चांटा नहीं है जो यह कहते हैं कि कुरआन शैतान की तरफ से अवतरित ग्रंथ है।

डॉ. मिलर को प्रभावित करने वाली कुरआन के अध्यायों में से एक अबू लहब से जुड़ा अध्याय है। डॉ. मिलर कहते हैं, “अबू लहब इस्लाम से इतनी नफरत करता था कि वह पैगम्बर मुहम्मद सल्ल. का अपमान करने केhqdefault (2) लिए उनका अक्सर पीछा करता था। वह देखता कि मुहम्मद सल्ल. किसी अजनबी से बात कर रहे हैं तो वह इंतजार करता और उनके जाने के बाद उस शख्स से पूछता कि मुहम्मद सल्ल. तुमसे क्या कह रहे थे?  फिर वह उनकी बात को नकारता, अगर वे कहते कि यह सफेद है तो अबू लहब उसे काला बताता और पैगम्बर की बताई हुई रात को वह दिन बताता यानी उनकी हर बात को झूठी करार देता। इस तरह अबू लहब पैगम्बर के मैसेज के मामले में लोगों को गुमराह करने का काम करता।”

अबू लहब की मौत से दस साल पहले मुहम्मद सल्ल.पर एक सूरा (अध्याय) अवतरित हुई जिसमें बताया गया कि अबू लहब दोजख में जाएगा यानी अबू लहब कभी इस्लाम नहीं अपनाएगा। अपनी मौत से पहले उन दस सालों के दौरान अबू लहब ने कभी भी नहीं कहा कि “देखो मुहम्मद कह रहा है कि मैं कभी मुस्लिम नहीं बनूंगा और दोजख की आग में जलूंगा जबकि मैं आप लोगों से कह रहा हूं कि मैं इस्लाम अपनाकर मुसलमान बनना चाहता हूं। अब तुम मुहम्मद के बारे में क्या सोचते हो? वह सच्चा है या झूठा ? उस पर अवतरित होने वाली वाणी आखिर ईश्वर की तरफ से कैसे हुई ?”

लेकिन अबू लहब ने ऐसा कुछ नहीं कहा। मुहम्मद सल्ल. को हर मामले और हर बात में झूठलाने वाले अबू लहब ने इस मामले में ऐसा कुछ नहीं कहा!

दूसरे शब्दों में कहें कि अबू लहब के पास एक ऐसा मौका था जिसके जरिए वह पैगम्बर मुहम्मद सल्ल. को झूठा साबित कर सकता था। लेकिन  इन दस सालों के दौरान ना अबू लहब ने  इस्लाम अपनाया और ना इस्लाम अपनाने का ढोंग किया। अबू लहब के पास इन दस सालों के दौरान एक मिनट में इस्लाम को झूठा साबित करने का मौका था।

लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ, सवाल उठता है आखिर क्यों ऐसा नहीं हुआ ?

क्योंकि यह मुहम्मद सल्ल. के शब्द नहीं थे बल्कि उस अल्लाह के शब्द थे जो जानता था कि अबू लहब कभी भी मुस्लिम नहीं बनेगा। अगर ये पैगाम अल्लाह की तरफ से ना होता तो आखिर मुहम्मद सल्ल. कैसे जान पाते कि अबू लहब इन दस सालों में ऐसा ही रहेगा जैसा कि इस सूरा में जिक्र किया गया है।

क्या किसी शख्स के लिए ऐसा कहना या ऐसा कहने का जौखिम लेना संभव है ?

इस सबसे यही पता चलता है, यही निष्कर्ष निकलता है कि यह सूरा ईश्वर की ओर से अवतरित हुई जो हर तरह का ज्ञान रखता है।

टूट गए अबू लहब के दोनों हाथ और वह स्वयं भी विनष्ट हो गया! न उसका माल उसके काम आया और न वह कुछ जो उसने कमाया। वह शीघ्र ही प्रज्वलित भड़कती आग में पड़ेगा, और उसकी स्त्री भी ईधन लादनेवाली, उसकी गरदन में खजूर के रेशों की बटी हुई रस्सी पड़ी है।

कुरआन (111:1-5)

डॉ. गैरी मिलर कुरआन की एक और सूरा का जिक्र करते हैं जिससे वे काफी प्रभावित हुए।

a599e862211469ee80b8d426f078209eवे कहते हैं कुरआन के चमत्कारों में से एक चमत्कार यह है कि कुरआन भविष्य से जुड़ी बातों को एक चुनौती के रूप में पेश करता है। इस तरह की भविष्यवाणी करना किसी इंसान के बूते की बात नहीं है। उदाहरण के लिए यहूदियों और मुसलमानों के बीच के रिश्ते के मामले में कुरआन कहता है कि यहूदी मुसलमानों के सबसे बड़े दुश्मन हैं और यह सच भी है। आज भी मुसलमानों के सबसे बड़े दुश्मन यहूदी ही हैं।

डॉ. मिलर आगे कहते हैं, “यह एक तगड़ी चुनौती है और यहूदियों को इस्लाम को गलत साबित करने का मौका भी देती है कि वे मुसलमानों से चंद साल दोस्ताना रिश्ते रखकर यह कह दें कि देखो भाई हम तो तुमसे दोस्ताना रिश्ता रखते हैं और तुम्हारा यह कुरआन हमें तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन बता रहा है, तो क्या तुम्हारा कुरआन गलत नहीं हुआ? लेकिन पिछले चौदह सौ सालों में ऐसा कुछ नहीं हुआ। यानी यहूदियों ने ऐसा कुछ नहीं किया जिससे कुरआन पर उंगली उठाई जा सके। और आगे भी ऐसा कुछ नहीं होगा क्योंकि यह ईश्वर के शब्द हैं जो सिर्फ भविष्य की ही नहीं हर काल की हर बात से वाकिफ है। कुरआन किसी इंसान का रचा हुआ नहीं है।”

डॉ. मिलर कहते हैं, “आप गौर कर सकते हैं कि कि मुसलमानों और यहूदियों के बीच के संबंधों की बात करने वाली कुरआन की यह आयत इंसानी दिमाग के सामने एक चुनौती पेश करती है।”

“तुम ईमान वालों का शत्रु सब लोगों से बढ़कर यहूदियों और बहुदेववादियों को पाओगे। और ईमान लानेवालों के लिए मित्रता में सबसे निकट उन लोगों को पाओगे, जिन्होंने कहा कि ‘हम नसारा (ईसाई) हैं।” यह इस कारण है कि उनमें बहुत-से धर्मज्ञाता और संसार-त्यागी सन्त पाए जाते हैं। और इस कारण कि वे अहंकार नहीं करते।

जब वे उसे सुनते है जो रसूल पर अवतरित हुआ तो तुम देखते हो कि उनकी आंखें आंसुओं से छलकने लगती है। इसका कारण यह है कि उन्होंने सत्य को पहचान लिया। वे कहते हैं, “हमारे रब! हम ईमान ले आए। अत तू हमारा नाम गवाही देनेवालों में लिख ले।”

“और हम अल्लाह पर और जो सत्य हमारे पास पहुंचा है उस पर ईमान क्यों न लाएं, जबकि हमें आशा है कि हमारा रब हमें अच्छे लोगों के साथ (जन्नत में) प्रविष्ट करेगा।”

कुरआन (5:82-84)

यह आयतें डॉ. गैरी मिलर पर भी लागू होती है। मिलर पर भी यह आयत सच साबित हुई है जैसा कि डॉ. गैरी मिलर पहले ईसाई थे लेकिन जब सच सामने आया तो इन्होंने इस्लाम अपना लिया और मुसलमान बनकर इस्लाम के एक मजबूत प्रचारक बन गए। उन्होंने अपना नाम अब्दुल अहद उमर रखा

डॉ. मिलर कुरआन की प्रस्तुति को अनूठी और चमत्कारिक मानते हैं और कहते है  कि इसमें कोई शक नहीं कि कुरआन एकदम अलग हटकर और चमत्कारिक है। दुनिया में कोई भी किताब इस जैसी नहीं है। कुरआन जब कोई खास जानकारी देता है तो बताता है कि तुम इससे पहले यह नहीं जानते थे।

ऐसा ही एक उदाहरण है-

“ऐ नबी, ये गैब की खबरें हैं जो हम तुमको वह्य (प्रकाशना) के जरिए बता रहे हैं, वरना तुम उस वक्त वहां मौजूद न थे,जब हैकल के खादिम यह फैसला करने के लिए कि मरयम का सरपरस्त कौन हो, अपने-अपने कलम फेंक रहे थे (यानी कुरआ-अंदाजी कर रहे थे), और न तुम उस वक्त हाजिर थे जब वे आपस में झगड़ रहे थे।”

कुरआन (3:44)

“ये परोक्ष की खबरें हैं जिनकी हम तुम्हारी ओर प्रकाशना कर रहे हैं। इससे पहले तो न तुम्हें इनकी खबर थी और न तुम्हारी कौम को। अत: धैर्य से काम लो। निस्संदेह अन्तिम परिणाम डर रखनेवालो के पक्ष में है।”

कुरआन(11:49)

“ऐ नबी यह किस्सा गैब की खबरों में से है जो हम तुम्हारी ओर प्रकाशना कर रहे हैं, वरना तुम उस वक्त मौजूद न थे जब यूसुफ के भाइयों ने आपस में सहमति कर साजिश की थी।”

कुरआन (12:102)

Miller_Garylडॉ. मिलर आगे कहते हैं, “दूसरी किसी भी किताब में आपको कुरआन जैसा अंदाज देखने को नहीं मिलेगा। बाकी दूसरी सभी किताबों में जो जानकारी दी जाती है उसमें उल्लेख होता है कि यह जानकारी कहां से ली गई है।”

उदाहरण के लिए बाइबिल जब पुराने राष्ट्रों का जिक्र करती है तो उसमें पढऩे को मिलता है कि वह राजा फलां देश में रहता था और फलां लीडर ने यह जंग लड़ी और फलां शख्स के काफी बच्चे थे जिनके नाम ये हैं। लेकिन बाइबिल में हमेशा यह पढऩे को मिलता है कि अगर आप इनके बारे में ज्यादा जानकारी हासिल करना चाहते हैं तो फलां किताब पढें जहां से यह जानकारी ली गई है।

डॉ. मिलर आगे कहते हैं, बाइबिल के विपरीत कुरआन कई नई जानकारी देता है और बताता है कि यह नई जानकारी है जो तुम्हें बताई जा रही है। कितने आश्चर्य की बात है कि कुरआन के अवतरण के दौरान मक्का के लोगों को यह नई बातें जानने को मिलती थीं। यह चुनौती भी थी कि यह जानकारी नई है, इन नई बातों के बारे में ना तो पैगम्बर मुहम्मद सल्ल. जानते थे और न ही मक्का के लोग।

यही नहीं उस वक्त के लोगों ने यह कभी नहीं कहा कि कुरआन की बताई यह नई बात हम पहले से जानते हैं और  यह हमारे लिए नई जानकारी नहीं है। किसी शख्स में यह कहने का साहस नहीं था कि हमसे झूठ कहा जा रहा है क्योंकि यह जानकारी वास्तव में नई थी जो किसी इंसान की तरफ से नहीं बल्कि उस सर्वज्ञानी अल्लाह की तरफ से थी जो भूत, भविष्य और वर्तमान के हर एक पहलू से पूरी तरह वाकिफ है।


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डॉ. गैरी मिलर की मशहूर किताब- The Amazing Quran


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85 COMMENTS

  1. IAM BOT AGREE WITH YOU,MUSLIM OR CHRISTIN KOI RELIGON NAHI HAIN..YAH TOH BAS EK KHANIYA HAIN.
    YADI DHARM KI BAAT KARTEY HOO TOH DUNIYA KA HAR DHARM KA EK HI MAKASAD HONA CHAHIYE INSANIYAT,AMAN ,MOHABAAT.

    NA KI YAHUDI KO DUSHMAN OR GAIRMAZHABI KO ZAHIL BATATA HAIN..
    YADI ITIHAS HI DEKHNA HAIN TOH HINDU DHARM KA DEKHO JISMEY PURI DUNIYA KA RAHASYA CHIPPA HAIN.INSANIYAT,SDACHAR CHIPA HAIN.
    ITIHAS UTHA KEY DEKH LO KISI BHI HINDUSTANI SAMRAT NEY KISI DESH PEY KABZA NAHI KIYA,,HAR TARAF DOSTI OR BHAICHARA NIBHAYA..

    PAR ISLAMI OR ISSAI MAZHAB KEY SAMRAT OR LOG APNI KATTARTA SEY PURI DUNIYA KO JUNG MAIDAN BANA DIYA,,HAR TARAF DANGEY,LOOT,KIDNAPPING,,RAPE,,TERRORISM,,NA JANEY KYA KYA PAIDA KIYA..

    EK BAAT YAAD RAKHNA EK DIN TUMHEY EHSAS HOGA MALUM HOGA KI DHARM KA MATLAB KYA HOTA HAIN,,PAR TABTAK TUMLOGON KA SAYAD ASTITWA NAHI HOGA

    • Sister Jyoti Kumar Sharma Ji,
      main aapki is baat ki izzat karta hoon ki Insaniyat, Aman aur Bhaichara hi sab kuch hai.

      Prantu Ham Insaano ka Rachayaita ek Ishwar hai. Ab ham Jis Ghar me Paida Hote hain, usi Dharm ko follow karte hain. Koi Dharm buraai ki Shiksha Nahin Deta. Log apne Dharm ko Achcha parcharit karte hain. Yeh woh log hote hain. jisse unke dharm ki dukaan chalti hai. chahe Hindu Ho, Muslim Ho, Sikh Ho, Isai Ho.

      Sister hamko banane wale Ishwar ne hamko sirf Insan bana kar bheja hai. Duniya me logon ne Mazhab bana diya.

      Lekin Ishwar to hai aur woh kyaa chahta hai. Yeh Janna zaroori hai. Iske liye hamen Apne Ishwariya Granth Ka Adhyyan karna hoga, jaise Ved.

      Sister Aapki Baat se pata Chalta Hai ki Aapne Ved Ka Adhyyan nahi kiya. Sister apni Rai se karm nahi hota pahle apne asli Dharm ko padhiye, phir dusre ke dharm ka comparative study kijiye. to aapko pata chalega dharm kyaa kahta hai.

      meri aapse request hai ki Swami DayaNand ji ki likhit Satyarth Prakash ki study karen. Lekin sirf Insan bankar.

      Dhanyawad
      Insaniyat ke Naate se Aapka Bhai.

      • क़ुरआन दुनिया में अकेली किताब है जिसमे लिखा है कि तुम एक भी गलती ढूंढ़कर बताओ और तुम ऐसा हर्गिज नहीं कर पाओगे – डॉ. गैरी मिलर
        By Zeya Us Shams – April 26, 2016 45 75998

        क़ुरआन दुनिया में अकेली किताब है जिसमे लिखा है कि तुम एक भी गलती ढूंढ़कर बताओ और तुम ऐसा हर्गिज नहीं कर पाओगे – डॉ. गैरी मिलर

        एक अहम ईसाई धर्म प्रचारक कनाडा के गैरी मिलर ने इस्लाम अपना लिया और वे इस्लाम के लिए एक महत्वपूर्ण संदेशवाहक साबित हुए। मिलर सक्रिय ईसाई प्रचारक थे और बाइबिल की शिक्षाओं पर उनकी गहरी पकड़ थी। वे गणित को काफी पसंद करते थे और यही वजह है कि तर्क में डॉ. मिलर का गहरा विश्वास था।

        डॉ. गैरी मिलर कहते हैं, “साइंस का एक जाना पहचाना सिद्धांत है जो आपको गलतियां और कमियां निकालने का अधिकार देता है, जब तक कि यह सही साबित ना हो जाए। इसे फालसिफिकेशन टेस्ट कहते हैं।”

        डॉ. मिलर कहते हैं, “ताज्जुब की बात है कि कुरआन खुद मुसलमानों और गैर मुसलमानों से इस किताब में कमियां निकालने की कोशिश करने को कहता है और दावा करता है कि वे इसमें कभी कोई कमी नहीं तलाश पाएंगे।”

        वे कहते हैं, “दुनिया में कोई ऐसा लेखक नहीं है जो कोई किताब लिखकर यह कहने की हिम्मत कर सके कि उसकी लिखी किताब में किसी भी तरह की कमी नहीं है। दूसरी तरफ कुरआन कहता है कि उसमें कोई कमी या दोष नहीं है और कहता है कि तुम एक भी गलती ढूंढ़कर बताओ और तुम ऐसा हर्गिज नहीं कर पाओगे।”

        एक अहम ईसाई धर्म प्रचारक कनाडा के गैरी मिलर ने इस्लाम अपना लिया और वे इस्लाम के लिए एक महत्वपूर्ण संदेशवाहक साबित हुए। मिलर सक्रिय ईसाई प्रचारक थे और बाइबिल की शिक्षाओं पर उनकी गहरी पकड़ थी।

        वे गणित को काफी पसंद करते थे और यही वजह है कि तर्क में मिलर का गहरा विश्वास था। एक दिन गैरी मिलर ने कमियां निकालने के मकसद से कुरआन का अध्ययन करने का निश्चय किया ताकि वह इन कमियों को आधार बनाकर मुसलमानों को ईसाइयत की तरफ बुला सके और उन्हें ईसाई बना सके।

        वे सोचते थे कि कुरआन चौदह सौ साल पहले लिखी गई एक ऐसी किताब होगी जिसमें रेगिस्तान और उससे जुड़े कहानी-किस्से होंगे। लेकिन उन्होंने कुरआन का अध्ययन किया तो वह दंग रह गए। कुरआन को पढ़कर वह आश्चर्यचकित थे। उन्होंने कुरआन के अध्ययन में पाया कि दुनिया में कुरआन जैसी कोई दूसरी किताब नहीं है।

        पहले डॉ. मिलर ने सोचा था कि कुरआन में पैगम्बर मुहम्मद सल्ल. के मुश्किल भरे दौर के किस्से होंगे जैसे उनकी बीवी खदीजा रजि. और उनके बेटे-बेटियों की मौत से जुड़े किस्से। लेकिन उन्होंने कुरआन में ऐसे कोई किस्से नहीं पाए बल्कि वे कुरआन में मदर मैरी के नाम से पूरा एक अध्याय देखकर दंग रह गए।

        डॉ. मिलर ने पाया कि मैरी के अध्याय सूरा मरियम में जो इज्जत और ओहदा पैगम्बर ईसा की मां मरियम को दिया गया है वैसा सम्मान उन्हें ना तो बाइबिल में दिया गया और ना ही ईसाई लेखकों द्वारा लिखी गई किताबों में वह मान-सम्मान दिया गया।

        यही नहीं डॉ. मिलर ने पैगम्बर मुहम्मद सल्ल. की बेटी फातिमा रजि. और उनकी बीवी आइशा रजि. के नाम से कुरआन में कोई अध्याय नहीं पाया। उन्होंने जाना कि कुरआन में ईसा मसीह का नाम 25 बार आया है जबकि खुद मुहम्मद सल्ल. का नाम केवल चार बार ही आया है। यह सब जानने के बाद वे ज्यादा कन्फ्यूज हो गए।

        वे लगातार कुरआन का अध्ययन करते रहे इस सोच के साथ कि इसमें उन्हें जरूर कमियां और दोष पकड़ में आएंगे लेकिन कुरआन का अध्याय अल निशा की 82 आयत पढ़कर वे आश्चर्यचकित रह गए, इस अध्याय में हैं-

        क्या वे कुरआन में गौर और फिक्र नहीं करते। अगर यह अल्लाह के अलावा किसी और की तरफ से होती तो वे इसमें निश्चय ही बेमेल बातें और विरोधाभास पाते।

        कुरआन की इस आयत के बारे में डॉ. गैरी मिलर कहते हैं, “साइंस का एक जाना पहचाना सिद्धांत है जो आपको गलतियां और कमियां निकालने का अधिकार देता है जब तक कि यह सही साबित ना हो जाए। इसे फालसिफिकेशन टेस्ट कहते हैं।”

        डॉ. मिलर कहते हैं, “ताज्जुब की बात है कि कुरआन खुद मुसलमानों और गैर मुसलमानों से इस किताब में कमियां निकालने की कोशिश करने को कहता है और दावा करता है कि वे इसमें कभी कोई कमी नहीं तलाश पाएंगे।”

        वे कहते हैं, “दुनिया में कोई ऐसा लेखक नहीं है जो कोई किताब लिखकर यह कहने की हिम्मत कर सके कि उसकी लिखी किताब में किसी भी तरह की कमी नहीं है। दूसरी तरफ कुरआन कहता है कि उसमें कोई कमी या दोष नहीं है और कहता है कि तुम एक भी गलती ढूंढ़कर बताओ और तुम ऐसा हर्गिज नहीं कर पाओगे।”

        कुरआन की दूसरी आयत जिससे डॉ. गैरी मिलर प्रभावित हुुए वह है सूरा अंबिया जिसमें है-

        क्या उन लोगों ने जिन्होंने इनकार किया, देखा नहीं कि ये आकाश और धरती मिले हुए थे। फिर हमने उन्हें खोल दिया। और हमने पानी से हर जिंदा चीज बनाई, तो

    • bilkul sahi yahi wajah hai ki hinduo ki kitabo me ek jaanwer ki izzat dalito se zyada hai,ek taraf to vo gaay ka peshab bhi pee lete hain dusri taraf dalit jo ki insan hain unke hath ka khana bhi pasand nahi kerte aur unko mandir me prvesh bhi nahi karne dete.pavitr kitaab manusmirti aadesh deti hai ke dalit na to dhan rakh sakte hai aur na hi unki ye aukaat hai k vo progress karen.pavitr kitabo me ye bhi likha hai k brahmin agar chori kare to bhi poojyniye hai aur agar shudr kitna bhi mahan kaam kare to vo taarief k layak nahi.

    • ISLAM S BAD KAR INSANIYAT KISI BHI MAZHAB M NHI .. KISI BHI MAZHAB M AURTO KO ITNA MAQAM NHI DIYA GAYA JITNA QURAN M DIYA GYA H . ISLAM N LOGO KO JINE KA TARIQA SIKHAYA 1400 SAL PHLE LOG ITNE PADE LIKHE NHI THE JAHALATO KA DAUR THA US WAQT ISLAM N SARI BURAIO KO DUR KIYA AR ISLAM BURAIO S LADNA SIKHATA H ISI LIYE AJ BHI ISLAM FEL RAHA H .. JABKI PURI DUNIYA ISLAM K KHILAF H KOI MASZID TOD RAHA H KOI MUSLIM AURTO KO HIJAB ODNE S ROK RAHA H KOI ATANKWADI BOL KAR PURA MULQ TABAH KAR RAHA H .. ISLAM KBHI ZOR ZABARDASTI S NHI PHELA .. READ FIRST kuch bhi bolne s phle pad lena chahiye

    • Kyuki Hindu o kaaa Raaj aaya he nahi jo wo kisi mulk pe kabja karte agar muslim log chate to India Ko muslim country bana dete lekin esa nahi Kiya kyuki humare nabi ne nahi sikhya ki kisi ka jabardasti dharm badla jaye

    • ankhe kholkr or sacchai ko dekho hindu dharm koi dharm ni geeta scientifically. Wrong prove ho chuki h bs dunia ki jo sirf ek religious scripture h jo abhi tk unchanged h or jo galt prove ni ho payi wo h quran bhai musalmaan to hona padrga agar jannat(swarg) me jana he to warna hmesha ki aag me rehna padega bhai hme parwah he apki socho hmari kya lalach h isme me sirf apni baat p ni bolra i told u thad u should research on islam and comparative religion bs akal mand log hi kyu islam apba rahe he kbhi socha he…

    • Miss first u r using a wrong language
      Aap dusre majhab kois tarah pesh karte hain aapka dharm yahi sikhata hai

      Are islam to peace ka majhab hai aap ne dekha hoga muslimon ko ibaadat karte hue wo kitne shanti sd karte hain yahaan tak ki eid.ki namaaz jo humara.sab se bada hai usko tak shantise manate hai.

      • Miss first u r using a wrong language
        Aap dusre majhab kois tarah pesh karte hain aapka dharm yahi sikhata hai

        Are islam to peace ka majhab hai aap ne dekha hoga muslimon ko ibaadat karte hue wo kitne shanti sd karte hain yahaan tak ki eid.ki namaaz jo humara.sab se bada hai usko tak shantise manate hai.

    • Jyoti ji àap MR. hain ya MIS hain ya mistek hain jo v hain lekin àap ko ye v pata nahi hai ki duniya me hindu dharm koyi nahi hai jise aap hindu dharm kahti ho wo hindu dharm nahi sanatan dharm hai . dusri bat àap kahti ho ki hindu Sarratt ne kisi dusre rajya par kanga nahi kiya ye v galat hai shayed aapne itihas ( Histry of Bharat ) v nahi padha hai warna àap ko Yad hota ki Samrat Ashoka ne Kaling rajya par chadhaee kiya tha to uska makshad kya tha apne rajya ko dusron ko Dan dena ya dusre ke rajya ko kabza karna? Aap hi bata den .aor uske alaw v bharat ke bahut sare Raja ek dusre ke rajya par chadhaee karte rahte the kis liye ? Ristedari jodne ke liye ? Aapne likha hai ki musalman aor isai Samraton ke rajya Dunge loot kidnapping rep hote hain to ye v aapke gyan ki shunnyata bata rahi hai jara aap mujhe batayen ki Saudi Arabia, Dubai, Bahrain, Kuwait, me kitne dunge,loot, kidnapping aor rep ke kitni ghanta aapne suna ya dekha hai ? Ek v nahi q? Kyon ki aap ke aor aapke netaon aor aapke dharm panditon pujariyon mahanton jaisi behayai besharmi musalmanon aor muslim rashtron me nahi hai . Àap kis hindu aor bharat ki bat kar rahi hain jahan mandiron me puja karne gayi aorton ke sath us muth, mandir ke mahant, pujari jabardusti balatkar kar dete hain usi dharm ki bat kar rahi hain aap ? Madam Dil pe chalen na den warna fafole futenge to zakhm bahut badhenge. Malik aapkosadbuddhi den .

    • aapka jwb ye hai sis pahele aap quraan padho… mohmd paiganber ki life k baarein me padho.. ..mai yakeen ke saath kahe skta hun sis aapko itni insaniyat milengi aap ro padengi…. at inshallah islam qubul karlengi……

    • तुम बहुत बीमार हो किसी अच्छे डॉक्टर से अपना इलाज कराओ, तुम्हे दुआओ और दवाओ की सख्त जरूरत है, अल्लाह तुम्हे और तुम्हारे माँ बाप को शांति दे, बहुत तरस आ रहा है तुमपर…

    • Islam dharam kahani nahi ek haqikat hai balki sanatan dharm sirf man gharant kahani hai jiska koi astitwa hi nahi hai is liye babar pasand nahi babar ka diya hindu sabd bahut pasand hai

    • Dear sister हम नहीं कहते आपका हिन्दू धर्म गलत है और ना ही कभी कहेंगे but हमारे लिए हओ न हो आपके लिए तो आपका धर्म 100% right है तो ज़ाहिर सी बात है आपके पास जो में qsn. ? कर रहा हु उन सब का ans. भी जरुर होगा आप मुझको इन qsn. सही सही ans. दो आप मुस्लिम बनो न बनो में हिन्दू बन जाऊंगा अगर आपने सही ans. दिया तो

      #ये_रहे_कुछ_qsn_आपके_लिए_स्क्रीन_पर

      #पहला_सवाल
      1:- सभी देवी देअवताओ ने भारत मे
      हि जन्म क्यो लिया,
      क्यो किसी भी देवी देवता को भारत
      के बाहर कोइ नही जानता ?

      #दूसरा_सवाल
      2:- जितने भी देवी देवता देवताओ
      की सवारीया है उन्मे सिर्फ
      वही जानवर क्यो है जो कि भारत मे पाये
      जाते
      है,
      एसे
      जानवर
      क्यो नही जो कि सिर्फ कुछ हि देशो मे
      पाये
      जाते है
      जैसे कि कंगारु,
      जिराफ डायनासोर आदी !!

      #तीसरा_सवाल
      3:- सभी देवी देवता हमेशा राज घरानो मे
      हि जन्म क्यो लेते थे ?
      क्यो किसी भी देवी देवता ने
      किसी गरीब या शुद्र के यहा जन्म
      नही लिया !

      #चौथा_सवाल
      4:- पोराणीक कथाओ के मे
      सभी देवी देवताओ की दिन
      चर्या का वर्णन है जैसे कि कब
      पार्वती जी ने चंदन से स्नान
      किया गणेश के लिये लड्डु बनाये, गणेश
      ने लड्डु
      खाये
      आदी, लेकीन जैसे
      हि ग्रंथो कि स्क्रीप्ट खत्म
      हो गयी भगवानो कि दिन
      चर्या भी खत्म
      तो क्या सभी देवीदेवताऔ का देहांत
      हो गया ??

      #पांचवा_सवाल
      5:- ग्रंथो के अनुसार पुराने समय मे
      सभी देवी देवताओ
      का प्रथ्वी पर
      आना जाना लगा रहता था जेसे
      कि किसी को वरदान देने
      या किसी पापी का सर्व नाश करने
      लेकीन अब एसा क्या हुआ
      जो देवी देवताओ ने प्रथ्वी पर आना बंद
      हि कर दिया !!

      #छटा_सवाल
      6:- जब भी कोइ पापी पाप
      फैलाता था तो उसका नाश करने के लिये
      खुद भागवान किसी राजा के यहा जन्म
      लेते थे
      फिर
      30-35 की उम्र
      तक जवान होने के बाद वो पापी का नाश
      करते
      थे,
      एस
      क्यो पाप
      का नाश जब भगवान खुद हि कर रहे है
      तो 30-35
      साल का टाइम
      क्यो भगवान सिधे कुछ क्यो नही करते
      जीस प्रकार उन्होने अपने
      भक्तो का उत्तराखण्ड मे नाश किया ?

      #सातवा_सवाल
      (7) अगर
      हिन्दू धर्म कई हज़ार साल
      पुराना है,तो फिर भारत के बाहर
      इसका प्रसार क्यों नहीं हुआ और एक
      भारत
      से बाहर के धर्म “इस्लाम”
      को इतनी मान्यता कैसे हासिल
      हुई कि वो आपके अपने पुरातन धर्म
      से ज़्यादा अनुयायी कैसे बना सका?

      #आठवा_सवाल
      (8) अगर हिन्दू धर्म के अनुसार एक
      जीवित पत्नी के रहते दूसरा विवाह
      अनुचित है तो फिर राम के पिता दशरथ ने
      चार विवाह किस नीति अनुसार किये थे?

      #नवा_सवाल
      (9) अगर शिव के पुत्र गनेश की गर्दन शिव
      ने काट
      दी तो फिर यह कैसे भगवान है
      जो उस कटी गर्दन को उसी जगह पर
      नहीं जोड़ सके क्यों एक निरीह
      जानवर (हाथी)
      की हत्या करके उसकी गर्दन गणेश
      के धढ
      पर लगाई? एक इंसान के बच्चे के धढ़ पर
      हाथी की गर्दन कैसे फिट आ
      गयी?

      #दसवा_सवाल
      (10) अगर हिन्दू धर्म में मांसाहार
      वर्जित
      है तो फिर राम स्वर्ण मृग (हिरन)
      को मारने
      क्यों गए थे? क्या मृग
      हत्या जीव
      हत्या नहीं है?

      #ग्यारवा_सवाल
      (11) राम अगर भगवान है
      तो फिर उसको यह
      क्यों नहीं पता था कि रावण
      की नाभि में अमृत है अगर उसको घर
      का भेदी ना बताता कि रावण
      की नाभि में
      अमृत
      है तो उस युद्ध में
      रावण कभी नहीं मारा जाता।
      क्या भगवन ऐसे होते है?

      #बारवा_सवाल
      (12) तुम कहते हो कि कृष्ण तुम्हारे भगवन
      हैं तो क्या नहाती हुई
      निर्वस्त्रस्त्र
      गोपीयों को छुपकर देखने
      वाले व्यक्ति
      भगवान हो सकते है अगर ऐसा काम कोई
      व्यक्ति आज के दौर में करे तो तुम उसे
      छिछोरा कहगे या नहीं फिर क्रिष्ण को आप भगवान क्यों कहते
      हो?

      #तेरवा_सवाल
      (13) हिन्दू ओ में
      बलात्कारी योंका प्रमाण अधिक
      ही क्यों होते हैं?

      #चोदवा_सवाल
      (14) शिव के लिंग (पेनिस)
      की पूजा क्यों करते हैं? क्या उनके
      शरीर में
      कोई और चीज़ पूजा के क़ाबिल नहीं?

      #पन्द्र्वा_सवाल
      (15) खुजराहो के मंदिरों में काम-
      क्रीड़ा और
      उत्तेजक
      चित्र हैं फिर ऐसे
      स्थान को मंदिर क्यों कहा जाता है
      क्या काम-क्रीडा हिन्दू धर्मानुसार

      ज्योति बेहेन सवाल तो और भी बहुत है लेकेन पहले आप सिर्फ इनके
      जवाब दे दो …

    • Dear sister हम नहीं कहते आपका हिन्दू धर्म गलत है और ना ही कभी कहेंगे but हमारे लिए हओ न हो आपके लिए तो आपका धर्म 100% right है तो ज़ाहिर सी बात है आपके पास जो में qsn. ? कर रहा हु उन सब का ans. भी जरुर होगा आप मुझको इन qsn. सही सही ans. दो आप मुस्लिम बनो न बनो में हिन्दू बन जाऊंगा अगर आपने सही ans. दिया तो
      #ये_रहे_कुछ_qsn_आपके_लिए_स्क्रीन_पर
      #पहला_सवाल
      1:- सभी देवी देअवताओ ने भारत मे
      हि जन्म क्यो लिया,
      क्यो किसी भी देवी देवता को भारत
      के बाहर कोइ नही जानता ?
      #दूसरा_सवाल
      2:- जितने भी देवी देवता देवताओ
      की सवारीया है उन्मे सिर्फ
      वही जानवर क्यो है जो कि भारत मे पाये
      जाते
      है,
      एसे
      जानवर
      क्यो नही जो कि सिर्फ कुछ हि देशो मे
      पाये
      जाते है
      जैसे कि कंगारु,
      जिराफ डायनासोर आदी !!
      #तीसरा_सवाल
      3:- सभी देवी देवता हमेशा राज घरानो मे
      हि जन्म क्यो लेते थे ?
      क्यो किसी भी देवी देवता ने
      किसी गरीब या शुद्र के यहा जन्म
      नही लिया !
      #चौथा_सवाल
      4:- पोराणीक कथाओ के मे
      सभी देवी देवताओ की दिन
      चर्या का वर्णन है जैसे कि कब
      पार्वती जी ने चंदन से स्नान
      किया गणेश के लिये लड्डु बनाये, गणेश
      ने लड्डु
      खाये
      आदी, लेकीन जैसे
      हि ग्रंथो कि स्क्रीप्ट खत्म
      हो गयी भगवानो कि दिन
      चर्या भी खत्म
      तो क्या सभी देवीदेवताऔ का देहांत
      हो गया ??
      #पांचवा_सवाल
      5:- ग्रंथो के अनुसार पुराने समय मे
      सभी देवी देवताओ
      का प्रथ्वी पर
      आना जाना लगा रहता था जेसे
      कि किसी को वरदान देने
      या किसी पापी का सर्व नाश करने
      लेकीन अब एसा क्या हुआ
      जो देवी देवताओ ने प्रथ्वी पर आना बंद
      हि कर दिया !!
      #छटा_सवाल
      6:- जब भी कोइ पापी पाप
      फैलाता था तो उसका नाश करने के लिये
      खुद भागवान किसी राजा के यहा जन्म
      लेते थे
      फिर
      30-35 की उम्र
      तक जवान होने के बाद वो पापी का नाश
      करते
      थे,
      एस
      क्यो पाप
      का नाश जब भगवान खुद हि कर रहे है
      तो 30-35
      साल का टाइम
      क्यो भगवान सिधे कुछ क्यो नही करते
      जीस प्रकार उन्होने अपने
      भक्तो का उत्तराखण्ड मे नाश किया ?
      #सातवा_सवाल
      (7) अगर
      हिन्दू धर्म कई हज़ार साल
      पुराना है,तो फिर भारत के बाहर
      इसका प्रसार क्यों नहीं हुआ और एक
      भारत
      से बाहर के धर्म “इस्लाम”
      को इतनी मान्यता कैसे हासिल
      हुई कि वो आपके अपने पुरातन धर्म
      से ज़्यादा अनुयायी कैसे बना सका?
      #आठवा_सवाल
      (8) अगर हिन्दू धर्म के अनुसार एक
      जीवित पत्नी के रहते दूसरा विवाह
      अनुचित है तो फिर राम के पिता दशरथ ने
      चार विवाह किस नीति अनुसार किये थे?
      #नवा_सवाल
      (9) अगर शिव के पुत्र गनेश की गर्दन शिव
      ने काट
      दी तो फिर यह कैसे भगवान है
      जो उस कटी गर्दन को उसी जगह पर
      नहीं जोड़ सके क्यों एक निरीह
      जानवर (हाथी)
      की हत्या करके उसकी गर्दन गणेश
      के धढ
      पर लगाई? एक इंसान के बच्चे के धढ़ पर
      हाथी की गर्दन कैसे फिट आ
      गयी?
      #दसवा_सवाल
      (10) अगर हिन्दू धर्म में मांसाहार
      वर्जित
      है तो फिर राम स्वर्ण मृग (हिरन)
      को मारने
      क्यों गए थे? क्या मृग
      हत्या जीव
      हत्या नहीं है?
      #ग्यारवा_सवाल
      (11) राम अगर भगवान है
      तो फिर उसको यह
      क्यों नहीं पता था कि रावण
      की नाभि में अमृत है अगर उसको घर
      का भेदी ना बताता कि रावण
      की नाभि में
      अमृत
      है तो उस युद्ध में
      रावण कभी नहीं मारा जाता।
      क्या भगवन ऐसे होते है?
      #बारवा_सवाल
      (12) तुम कहते हो कि कृष्ण तुम्हारे भगवन
      हैं तो क्या नहाती हुई
      निर्वस्त्रस्त्र
      गोपीयों को छुपकर देखने
      वाले व्यक्ति
      भगवान हो सकते है अगर ऐसा काम कोई
      व्यक्ति आज के दौर में करे तो तुम उसे
      छिछोरा कहगे या नहीं फिर क्रिष्ण को आप भगवान क्यों कहते
      हो?
      #तेरवा_सवाल
      (13) हिन्दू ओ में
      बलात्कारी योंका प्रमाण अधिक
      ही क्यों होते हैं?
      #चोदवा_सवाल
      (14) शिव के लिंग (पेनिस)
      की पूजा क्यों करते हैं? क्या उनके
      शरीर में
      कोई और चीज़ पूजा के क़ाबिल नहीं?
      #पन्द्र्वा_सवाल
      (15) खुजराहो के मंदिरों में काम-
      क्रीड़ा और
      उत्तेजक
      चित्र हैं फिर ऐसे
      स्थान को मंदिर क्यों कहा जाता है
      क्या काम-क्रीडा हिन्दू धर्मानुसार
      ज्योति बेहेन सवाल तो और भी बहुत है लेकेन पहले आप सिर्फ इनके
      जवाब दे दो …

  2. Sister Jyoti Kumar Sharma Ji,
    main aapki is baat ki izzat karta hoon ki Insaniyat, Aman aur Bhaichara hi sabkuch hai.

    Prantu Ham Insaano ka Rachayaita ek Ishwar hai. Ab ham Jis Ghar me Paida Hote hain, usi Dharm ko follow karte hain. Koi Dhar buraai ki Shiksha Nahin Deta. Log apne Dharm ko Achcha parchrit karte hain. Yeh woh log hote hain. jisse unke dharm ki dukaan chalti hai.

    chahe Hindu Ho, Muslim Ho, Sikh Ho, Isaii Ho. Sister hamko banane wale Ishwar ne hamko sirf Insan bana kar bheja hai. Duniya me logon ne Mazhab bana diya.

    Lekin Ishwar to hai aur woh kyaa chahta hai. Yeh Janna zaroori hai. Iske liye hamen Apne Ishwariya Granth Ka Adhyyan karna hoga, jaise Ved.

    Sister Aapki Baat se pata Chalta Hai ki Aapne Ved Ka Adhyyan nahi kiya. Sister apni Rai se karm nahi hota pale apne asli Dharm ko padhiye, phir dusre ke dharm ka comparativ study kijiye. to aapko pata chalega dharm kyaa kahta hai.

    meri aapse request hai ki Swami DayaNand ji ki likhit Satyarth Prakash ki study karen. Lekin sirf Insan bankar.

    Dhanyawad
    Insaniyat ke Naate se Aapka Bhai.

  3. Beshaq Islam sabse achcha v sachcha Dharm hai. Islam dharm ki Quraan-E-paakme Jabse duniya bani hai tab se lekar Qayamat tak ki sabhi nisaniya moujud hai. Islam dharmme ladies ke liye burkha pahenna farz hai.. aaj ke dour me balatkar jaisi gatnae ban rahi hai. par aapne kabhi suna hai ki koi bhi islamic lady jo burkha pahenati ho us par bakatkar huva hai ?? Nahi aapne aisa ek bhi kissa nahi suna hoga… islam is a very very unlimited very great Religion..

  4. Islam world ka sabse no . one sachcha dharm hai.. Aur bhai aapko ek bat batadu ki ek andheko aap Taj mahel dikhlavoge to usko kaala hi dikhega isi tarah aap sachchi baat bataoge to 99.99 taka log man jaenge lekin 0.1 taka insan ese bhi honge jo manenge nahi voh log 0.1 tak me shamil honge.

  5. Hinduism me caste Bahut baad me aaya, aap dalit aur janwaro ko compare karte hain,Hamare yaha karm pradhanl tha. Tabhi to bhagwan ram ne sabri ke Joothe ber khaye, dhobi ki baatein Suni,kewat se agrah kiya,.aise aneko udahran milenge. Ye sab Islamic kings aur angrejo ka failaya hua hai

    • Sharad bhai aapke mazhab mein kisi ki hatya karna agar mana hai to kya aap
      Mujhe bata sakte ho ki Ram hiran ka shikar karne kyon gaye…???
      aur sare bhagvan India mein hi kyun paida hue kya bahar ke logon se dushmani thi….???
      Ganga , Dharti , agar maa hai to apne bachcho ko kabhi dubokar to kabhi bhukamp se buri tarah tadpa kar maar kyon dete hain…???
      Shiv agar bhagvan hai to apne bete ko kaise usi tarah zinda nahi kar sakte the Hathi ka chehra laagana zaroori kyon tha…???

  6. Ji ha jyoti sarma ji jab ki science ne ab to man liya he ke islam is best.
    Q ki jab science bata ta he ki insan bandaro me se bana he bhi galat sabit ho chuka he q ki ye galat baat he jab ke sahi ye he ki sab se phele insan us rab ne banaye the adam ko or agar insan me se bandar hue hote to aaj ka bandar bhi bandar hi he q
    Or aaj ka insan bhi insan hi he .

  7. JYOTI KUMAR JI AAPKA GYAN BAHUT THORA HAI BELKEY HAI HI NAHI. AAPKO YAH BHI PATA NAHI KEY PUNJAB KEY KIS RAJA NEY GEZNI PER KITYNI BAAR HUMLA KIYA THA AUR HAAR JANEY KEY BAAD KHUD KO BUZDILON KI TERHA JELTEY HUY AAG MEIN BHSHEM KER LIYA THA
    PUNJAB KA BHADUR RAJA NEY GEZNI PER HUMLA US WAKET JEB WAHAN KA RAJA EK DUSRI JUNG MAIN PENSA HUA THA

  8. Plz is trhh ki baaten na kare

    Desh ko aapki Zaroorat hai

    Ham or aap dharm Ko acche se stdy kare
    Q k adha adhoora gyaan hame sirf ghalt Rasta Dikhata hai
    Or aap k is Ghalat Raste ka Faida chand. Darm guru apni dukaan chalne k liye karte hain
    Wo Rajniti se jude logo ki hlp lete hain
    Fir apas me lada dete hhain
    Aap har dhram ki acchi chezo ko lo
    Buri cheez jaha par hai wahi padi rahne do
    Or. Khud gyani bano acche se padh k aapko kisi dharm guru ki zaroorat. Na ho tab aap apne andar chenge dekho ge….
    Thank u…
    Aapka Chota Bhai ..

  9. My dear friend ye bhut behtreen jankari mili h is post se or asal bat ye hi h ki tum Quran or hadhith ko sikho or uspar zindagi gujaro behtreen jindagi beshak ALLAH k huqam or nabi k tarike me h

  10. Tell me a part of world where muslims are un majority and living peacefully???? Something is seriously wrong with this religion…. Please live peacefully and let other live.

    • Friend
      U believe Allah U will understand all of things
      Eslam mean Pace
      All world enemy of Eslam. Why
      (Sachchaee hamesha kadvy hoti h )
      Plz u read kuran your language with means

  11. Advice to all Muslims : first became human and start educating your children to be humans …ye dharam karam or knowledge and intelligence wali baate karne 50 saal or Lagenge tumhe …. Afghanistan, Pakistan, philistine, Iran, Iraq Na banaanye…quaran ki duhayi Dena band karo usko pad Kar hi terrorists ban rahe hai, gita or Bible pad ke nahi apna ghar sudharo …gyan baad mai baatnaa. ….

  12. Sister mai aapse jayada kuchh nhi kahunga bura n maniyega asal me Hindu koi dhram hi nhi h iska asli nam sanatan h aur iska MATLAB hota h saccha aur iski kitab h saswat MATLAB aasmani joki sirf Muslim dhram se milta h aur walmiki ji ne likha h jis kitab me 33 rd time “nirasans “(tm apne rab ki kis-2 nemat ko jhutlaoge) sabd aaye wahi dhram saccha h aur ye Allah pak ne Quran pak ke 27th pare me sureh Rahman me btaya isi trah Mohammad (S.A) sirf Muslim keliye nbi bnake nhi bheje gye balki sari ummat (puri duniya keliye) Allah ne nbi bnake bheje waise hi Quran sarif sirf Muslim keliye nhi balki puri duniya keliye Allah ne utara Quran hme bolna, chalna, uthna, baithna, khana, pina, sona, jagna aur bahut sari bate btata h Quran sari duniya keliye ek guide book h aur Muslim use padhte h aur follow krte h ham ye nhi kehte ki aap Muslim ho jao pr ye jarur kahenge ki ek bar aap Quran padho aur duniya ki sari dharmik kitabon se iski tulna kro insa-allah kl aap bhi kaho ge Quran ek best guide h human life keliye

  13. Bhaiyo or bahno.muslimo ko bolte h 5 shadi kyu karte h.to haryana m ajbhi padavi bhut milti h.ek orat k sath 5 mard.y bat bhi koi Jada achchi nhi.sabhi bhagwan shadi karte h.Matlab bhagwan ko phi biwi ki jarurat h.

  14. Isliye app logo ko Islam me har country me yek dushre ko maarte hai kya unko Islam nahi pta pura dunima me sabse jda Jo marte hai WO app log ho Hindu is great hai phale aapne Ghar ko dekho phir bahar ki baat karna app saalo 1400 me jeete raho tum log Ghar me khane ka khana nahi our baat karte ho dharm ki

    • Trpathi ji mujhe ap se koi shikayet ni jo ap kah rhe hai kyu ki ap masoom hai ap jante hi ni bas ap se ek request hai ki dunia me aye ho to kyu aye kabhi ye socha kabhi ye sach janne ki koshis ki apne ? Sach ko talasna ap haq hai aor ap sach janne ke lie ek bar hi shi quran padh lo par ap onki trah adha adhura mat padhna jo kahi ki line utha lete hai bina context ke aor islam ke against bolna shuru kar dete hai ap pura padhna inshaallah ap ko kuch nya milega ..

  15. Bhai ye to duniya janti h k islaam ko kis kis tarha se badnaam krne ki naqaam koshishen ki ja rhi hn magar log ye na bhoolen
    Wato izzo manto sha.a
    Wato zillo manto sha.a
    Jb tk is duniya me ek bhi Iman wala rhega mera Rab duniya ko chalata rhega

  16. Tripathi tum log sale apne hi dharm me kabhi kisi dalit k pair chukar dekho ar uske ghar jakar uske sath khana khakar dekho tb lagega k tum sb hindu ho mujhe aisa q lgta hai tumme koi pandit hai koi thakur hai koi shudra hai koi vaisya hi ye sb hindu to kahin se nahi dikhte ….ar rahi bat khilane ki to sun sale ye jo brahmin hai na ye suru se hi bhikhari hain jo doosre ka diya hua khate hain bheek mangkar …agr sabhi log sachhe dharm ko jan lenge to inki dukan 11 idhar rakho 121 isme rakho 500 isme rakhho ..ar sani ko theek krwana ho to 10000 lagega …sale bhikhari…….i love my islam.

  17. bhaiyo or bhaheno sabse pahele mujhe ye batao .Hindu dharam sirf India me hi kiyu hai dusre desho me kiyu nahi.jyse Muslim sabdesho me hai or sab ka manna bhi ek hi hai. Allha ek hai or Muhammad (s. w ) Allha ke rasul hai.

  18. Bible is the only true religious book. It is prooved since centuries. But this person is denying Jesus because he is having all the evil desires in his heart. Just go to him and see his personal life and you will come to know that why he is denying Lord Jesus because of his evil deeds. Jesus is the way the truth and the life. Amen

  19. Hindu dharam itna purana dharam hai phir bhi ye aajtak world me koi nahi accept kiya . India me simit rah gaya. Accept bhi kare to kaise 33 crore bhagwan ka concept digest nahi hota hai kisi ko.

  20. Hindu to koi dharam hi nhi h, atlest hame to ye b pta ni aap kis kis ko mante h. Koi kisi ko koi kisi ko, Pta ni apke dharam m kitne bhagwaan h. Aur ek baar apne Mahaan dharam guruo ki history b dekh lo(Asharam,Radhe ma, Nirmal baba,n lots of more) Bhai abi b waqt h smbhal jao, Ramayan to apne padi hogi, Ek baar QURAN PAK ko b padh kr dekh lo, Sacchai apne aap saamne aa jaygi. Jyoti bhai Ji..bs aapse ek reqst h ki bs ek baar QURAN PAK ko padh lo aur smjh lo…Mujhe poora. yakeeen h aap Phir Ishlam ke alawa kisi doosre majhab ke baare m sochenge b nhi.
    Allah pak hamare gair muslim bhaiyon ko Ishlaam pr chalne ki taufiq ata farmaye…Ameen

  21. Jo apne bando se kahe ki kisi ka kati karo jo kahe ki logon se zabardasti islam kabool karaao jo ye kahe ki poori duniya me aatank phailaao .usme galti nahin hai.?agar quaran galat nahi hai to isis .talibaan uar is jaise dusre q? Hai

  22. Alok jo bhi aap likh rahe hain bina sochey samjhey, yeh sab jhoot hai. Aap ko kya pata Quraan main kya likha hai.
    Agar pata hota to yeh sab nahi likhte, aur main to kehta hun Quraan main kya likha hai yeh jaanne k liye aap ko quraan parhna chahiye, yaqeen maniye agar aap ne Quraan samajh liya aap bhi Musalmaan ban jayengey.

  23. Bhaiyo quran me shree ram aur shree krishna ka naam 1 bhi baar nahi aaya jabki isamasih ka naam 25 baar aaya aalah to doordarshi hai ya fir allah ko sirf apne area ki knowledge thi
    Sab bakwas hai
    Jhooth ko hajar baar sach kahne se jhooth sach me nahi badal jata ye wahi quran hai jisme likha hai duniya chaukor hai suraj daldal me doob jata hai
    Hahahaha sale chutiye

    • Dharm ko manna apne aap se hota hai…dharmik wo hi hai jo sabse pehle apne maan ko dil ko aur jubaan ko saaf kare…dharm ko sahi theraane ko jitaane k liye apni language khraab na kare….v bad

  24. Akhir bat kya h ki insan duniya ki hr dharm ki kitab padta h lekin jb kuraan padta h to islam kabool kr leta h kuch to bat h mere islam me dr.gairi miler ne sb kitabo ka adhyayan kiya lekin kuraan hi kyu unke samjh me aya aur islam kabool kr liye kuch to bat h mere islam me aisi koi kitab nhi h jisme btaya gya ho 1400 year pahle likha ho duniya me ye hone wala h wahid ek kuraan h jisme 1400 years pahle hi likh diya gya h ye hone wala h duniya me aur wahi ho rha h essa bada aur sach kya hoga.insan ko samjhne ke liye…kuraan pak sachi aur sahi kitab h

  25. सत्यार्थप्रकाश सभी धर्म के लोग पढ़ें!

  26. Joti g mahabhrat aur ramayan men Issae ya musalman to nahi thay to insan keyun marey gaye joti g jab bhi dharm aur adharm ki ladai ho gi to insan hey marey ga alian nahi

    • bhai log bas kro jisko jitna jankari hoti h vo utna hi bolta h tmhare khne se kuch nhi hoga upar wala sb janta jitna v kuch kr lo inke ankhe ni khuloegi kiunke ye hazrat ibrahim alhi salam ke jamane se muri ko pujte a rhe he pegambro ne kitni koshish ke fir v kuch logo ne iman ni laya to tmre bolne se kya hoga tm apna khud ka dekho khuda sbko apne kram ka fal deta h or ap log bat krte ho muslamn ke to ap muslaman log ek din m kitne aise kam krte ho jisse lge ke tm musalman ho or tmre us kam se khuda khush ho phle apne ap ko dekho bhi ke din m kitne bar namaz pdhte ho kitno logo ke madad krte ho huzur sallahahu alhai wasllam ke sunnto ko kitne logo tk phuchate ho kitne log huzur pak ke bato ko amal krte ho huzur pak ne kya kya farmaya h ham logo ko achi trah pata h bt amal kitne log krte hi
      kinte log jhot bolte h or gali dete h dusro ko buri nazar se dekhte h or kitne chugli krte h ma bap ke kitne bat mante h apne ap ko dekho bhi log jo jaisa karam krega allah pak unhe vaisa fal dega mula ali jaisa dunya m koi na tha or na paida hoga allah ka sher khte h unhe jinhe musalman banna hoga apne ap ban jynge jab ankhe khilegi to frndss koi galat bat kah de do sory

  27. bhi logo kvi kisi ko galat mat kho agar kisi ko tm bura bologe to allah ko v bura lgega ap apne ap ko dekhye dsro ko unke hal par hi chhor dijiye butho ke puja do hazrat ibrahim as ke jamane se pujte a rhe h ye log hanre nabi ne b bht smjhaya bt kuch log smajh nhi pye to unko unke sja mil gai to ham insan se kya smjhenge ye to kisi ko galat mat kho allah sbko uske karam ka fal deta h jo jaisa krta h viasa pata h ham log muslaman m yhi bht badi bat or musalman hone ke kam kro ham log kitna aisa kam krte h jinse allah khush ho hm jhoot vaise hi bolte h gali dete h ma bap ke bat nhi mante dusro ke chugli krte h namaj nhi padhte ghar m kuran sharif h unhe nhi padhte ham aise kitne kam krte h ap btao

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