क़ुरआन दुनिया में अकेली किताब है जिसमे लिखा है कि तुम एक भी गलती ढूंढ़कर बताओ और तुम ऐसा हर्गिज नहीं कर पाओगे – डॉ. गैरी मिलर

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क़ुरआन दुनिया में अकेली किताब है जिसमे लिखा है कि तुम एक भी गलती ढूंढ़कर बताओ और तुम ऐसा हर्गिज नहीं कर पाओगे – डॉ. गैरी मिलर 

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एक अहम ईसाई धर्म प्रचारक कनाडा के गैरी मिलर ने इस्लाम अपना लिया और वे इस्लाम के लिए एक महत्वपूर्ण संदेशवाहक साबित हुए। मिलर सक्रिय ईसाई प्रचारक थे और बाइबिल की शिक्षाओं पर उनकी गहरी पकड़ थी। वे गणित को काफी पसंद करते थे और यही वजह है कि तर्क में डॉ. मिलर का गहरा विश्वास था।

डॉ. गैरी मिलर कहते हैं, “साइंस का एक जाना पहचाना सिद्धांत है जो आपको गलतियां और कमियां निकालने का अधिकार देता है, जब तक कि यह सही साबित ना हो जाए। इसे फालसिफिकेशन टेस्ट कहते हैं।”

डॉ. मिलर कहते हैं, “ताज्जुब की बात है कि कुरआन खुद मुसलमानों और गैर मुसलमानों से इस किताब में कमियां निकालने की कोशिश करने को कहता है और दावा करता है कि वे इसमें कभी कोई कमी नहीं तलाश पाएंगे।” 

वे  कहते हैं, “दुनिया में कोई ऐसा लेखक नहीं है जो कोई किताब लिखकर यह कहने की हिम्मत कर सके कि उसकी लिखी किताब में किसी भी तरह की कमी नहीं है। दूसरी तरफ कुरआन कहता है कि उसमें कोई कमी या दोष नहीं है और कहता है कि तुम एक भी गलती ढूंढ़कर बताओ और तुम ऐसा हर्गिज नहीं कर पाओगे।”

0एक अहम ईसाई धर्म प्रचारक कनाडा के गैरी मिलर ने इस्लाम अपना लिया और वे इस्लाम के लिए एक महत्वपूर्ण संदेशवाहक साबित हुए। मिलर सक्रिय ईसाई प्रचारक थे और बाइबिल की शिक्षाओं पर उनकी गहरी पकड़ थी।

वे गणित को काफी पसंद करते थे और यही वजह है कि तर्क में मिलर का गहरा विश्वास था। एक दिन गैरी मिलर ने कमियां निकालने के  मकसद से कुरआन का अध्ययन करने का निश्चय किया ताकि वह इन कमियों को आधार बनाकर मुसलमानों को ईसाइयत की तरफ बुला सके और उन्हें  ईसाई बना सके।

वे सोचते थे कि कुरआन चौदह सौ साल पहले लिखी गई एक ऐसी किताब होगी जिसमें रेगिस्तान और उससे जुड़े कहानी-किस्से होंगे। लेकिन उन्होंने कुरआन का अध्ययन किया तो वह दंग रह गए। कुरआन को पढ़कर वह आश्चर्यचकित थे। उन्होंने कुरआन के अध्ययन में पाया कि दुनिया में कुरआन जैसी कोई दूसरी किताब नहीं है।

पहले डॉ. मिलर ने सोचा था कि कुरआन में पैगम्बर मुहम्मद सल्ल. के मुश्किल भरे दौर के किस्से होंगे जैसे उनकी बीवी खदीजा रजि. और उनके बेटे-बेटियों की मौत से जुड़े किस्से। लेकिन उन्होंने कुरआन में ऐसे कोई किस्से नहीं पाए बल्कि वे कुरआन में मदर मैरी के नाम से पूरा एक अध्याय देखकर दंग रह गए।

डॉ. मिलर ने  पाया कि मैरी के अध्याय सूरा मरियम में जो इज्जत और ओहदा पैगम्बर ईसा की मां मरियम को दिया गया है वैसा सम्मान उन्हें ना तो बाइबिल में दिया गया और ना ही ईसाई लेखकों द्वारा लिखी गई किताबों में वह मान-सम्मान दिया गया।

यही नहीं डॉ. मिलर ने पैगम्बर मुहम्मद सल्ल. की बेटी फातिमा रजि. और उनकी बीवी आइशा रजि. के नाम से कुरआन में कोई अध्याय नहीं पाया। उन्होंने जाना कि कुरआन में ईसा मसीह का नाम 25 बार आया है जबकि खुद मुहम्मद सल्ल. का नाम केवल चार बार ही आया है। यह सब जानने के बाद वे ज्यादा कन्फ्यूज हो गए।

वे लगातार कुरआन का अध्ययन करते रहे इस सोच के साथ कि इसमें उन्हें जरूर कमियां और दोष पकड़ में आएंगे लेकिन कुरआन का अध्याय अल निशा की 82 आयत पढ़कर वे आश्चर्यचकित रह गए,  इस अध्याय में हैं-

क्या वे कुरआन में गौर और फिक्र नहीं करते। अगर यह अल्लाह के अलावा किसी और की तरफ से होती तो वे इसमें निश्चय ही बेमेल बातें और विरोधाभास पाते।

कुरआन की इस आयत के बारे में डॉ. गैरी मिलर कहते हैं, “साइंस का एक जाना पहचाना सिद्धांत है जो आपको गलतियां और कमियां निकालने का अधिकार देता है जब तक कि यह सही साबित ना हो जाए। इसे फालसिफिकेशन टेस्ट कहते हैं।”

डॉ. मिलर कहते हैं, “ताज्जुब की बात है कि कुरआन खुद मुसलमानों और गैर मुसलमानों से इस किताब में कमियां निकालने की कोशिश करने को कहता है और दावा करता है कि वे इसमें कभी कोई कमी नहीं तलाश पाएंगे।” 

वे  कहते हैं, “दुनिया में कोई ऐसा लेखक नहीं है जो कोई किताब लिखकर यह कहने की हिम्मत कर सके कि उसकी लिखी किताब में किसी भी तरह की कमी नहीं है। दूसरी तरफ कुरआन कहता है कि उसमें कोई कमी या दोष नहीं है और कहता है कि तुम एक भी गलती ढूंढ़कर बताओ और तुम ऐसा हर्गिज नहीं कर पाओगे।”

कुरआन की दूसरी आयत जिससे डॉ. गैरी मिलर प्रभावित हुुए वह है सूरा अंबिया जिसमें है-

क्या उन लोगों ने जिन्होंने इनकार किया, देखा नहीं कि ये आकाश और धरती मिले हुए थे। फिर हमने उन्हें खोल दिया। और हमने पानी से हर जिंदा चीज बनाई, तो क्या वे मानते नहीं ? 

 कुरआन (21:30)

डॉ. मिलर कहते हैं, “यह आयत दरअसल वैज्ञानिक अनुसंधान का विषय है, इस विषय पर 1973 में नोबेल पुरस्कार दिया गया और जो महान विस्फोट की थ्योरी से संबंधित है। इस थ्योरी के मुताबिक इस ब्रह्माण्ड की उत्पत्ति इसी विस्फोट के परिणामस्वरूप थी।”

डॉ. गैरी मिलर कहते हैं, “अब हम बात करते हैं पैगम्बर मुहम्मद सल्ल. को शैतान द्वारा मदद करने के दुष्प्रचार के बारे में।”

अल्लाह कुरआन में कहता है-

इसे शैतान लेकर नहीं उतरे हैं। यह काम न तो उनको सजता है और न ये उनके बस का ही है। वे तो इसके सुनने से भी दूर रखे गए हैं।

कुरआन(26:210-212)

अत: जब तुम कुरआन पढऩे लगो तो फिटकारे हुए शैतान से बचने के लिए अल्लाह की पनाह मांग लिया करो। 

कुरआन (16: 98)

डॉ. मिलर कहते हैं, “आप खुद सोचिए और बताइए क्या यह शैतान द्वारा रचित किताब हो सकती है। शैतान खुद अपने लिए ही आखिर क्यों कहेगा कि कुरआन को पढऩे से पहले तुम शैतान से बचने के लिए अल्लाह की पनाह मांगों।”

क्या यह चमत्कारिक कुरआन की चमत्कारिक आयत नहीं है ?

क्या यह आयत उन लोगों के मुंह पर करारा चांटा नहीं है जो यह कहते हैं कि कुरआन शैतान की तरफ से अवतरित ग्रंथ है।

डॉ. मिलर को प्रभावित करने वाली कुरआन के अध्यायों में से एक अबू लहब से जुड़ा अध्याय है। डॉ. मिलर कहते हैं, “अबू लहब इस्लाम से इतनी नफरत करता था कि वह पैगम्बर मुहम्मद सल्ल. का अपमान करने केhqdefault (2) लिए उनका अक्सर पीछा करता था। वह देखता कि मुहम्मद सल्ल. किसी अजनबी से बात कर रहे हैं तो वह इंतजार करता और उनके जाने के बाद उस शख्स से पूछता कि मुहम्मद सल्ल. तुमसे क्या कह रहे थे?  फिर वह उनकी बात को नकारता, अगर वे कहते कि यह सफेद है तो अबू लहब उसे काला बताता और पैगम्बर की बताई हुई रात को वह दिन बताता यानी उनकी हर बात को झूठी करार देता। इस तरह अबू लहब पैगम्बर के मैसेज के मामले में लोगों को गुमराह करने का काम करता।”

अबू लहब की मौत से दस साल पहले मुहम्मद सल्ल.पर एक सूरा (अध्याय) अवतरित हुई जिसमें बताया गया कि अबू लहब दोजख में जाएगा यानी अबू लहब कभी इस्लाम नहीं अपनाएगा। अपनी मौत से पहले उन दस सालों के दौरान अबू लहब ने कभी भी नहीं कहा कि “देखो मुहम्मद कह रहा है कि मैं कभी मुस्लिम नहीं बनूंगा और दोजख की आग में जलूंगा जबकि मैं आप लोगों से कह रहा हूं कि मैं इस्लाम अपनाकर मुसलमान बनना चाहता हूं। अब तुम मुहम्मद के बारे में क्या सोचते हो? वह सच्चा है या झूठा ? उस पर अवतरित होने वाली वाणी आखिर ईश्वर की तरफ से कैसे हुई ?”

लेकिन अबू लहब ने ऐसा कुछ नहीं कहा। मुहम्मद सल्ल. को हर मामले और हर बात में झूठलाने वाले अबू लहब ने इस मामले में ऐसा कुछ नहीं कहा!

दूसरे शब्दों में कहें कि अबू लहब के पास एक ऐसा मौका था जिसके जरिए वह पैगम्बर मुहम्मद सल्ल. को झूठा साबित कर सकता था। लेकिन  इन दस सालों के दौरान ना अबू लहब ने  इस्लाम अपनाया और ना इस्लाम अपनाने का ढोंग किया। अबू लहब के पास इन दस सालों के दौरान एक मिनट में इस्लाम को झूठा साबित करने का मौका था।

लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ, सवाल उठता है आखिर क्यों ऐसा नहीं हुआ ?

क्योंकि यह मुहम्मद सल्ल. के शब्द नहीं थे बल्कि उस अल्लाह के शब्द थे जो जानता था कि अबू लहब कभी भी मुस्लिम नहीं बनेगा। अगर ये पैगाम अल्लाह की तरफ से ना होता तो आखिर मुहम्मद सल्ल. कैसे जान पाते कि अबू लहब इन दस सालों में ऐसा ही रहेगा जैसा कि इस सूरा में जिक्र किया गया है।

क्या किसी शख्स के लिए ऐसा कहना या ऐसा कहने का जौखिम लेना संभव है ?

इस सबसे यही पता चलता है, यही निष्कर्ष निकलता है कि यह सूरा ईश्वर की ओर से अवतरित हुई जो हर तरह का ज्ञान रखता है।

टूट गए अबू लहब के दोनों हाथ और वह स्वयं भी विनष्ट हो गया! न उसका माल उसके काम आया और न वह कुछ जो उसने कमाया। वह शीघ्र ही प्रज्वलित भड़कती आग में पड़ेगा, और उसकी स्त्री भी ईधन लादनेवाली, उसकी गरदन में खजूर के रेशों की बटी हुई रस्सी पड़ी है।

कुरआन (111:1-5)

डॉ. गैरी मिलर कुरआन की एक और सूरा का जिक्र करते हैं जिससे वे काफी प्रभावित हुए।

a599e862211469ee80b8d426f078209eवे कहते हैं कुरआन के चमत्कारों में से एक चमत्कार यह है कि कुरआन भविष्य से जुड़ी बातों को एक चुनौती के रूप में पेश करता है। इस तरह की भविष्यवाणी करना किसी इंसान के बूते की बात नहीं है। उदाहरण के लिए यहूदियों और मुसलमानों के बीच के रिश्ते के मामले में कुरआन कहता है कि यहूदी मुसलमानों के सबसे बड़े दुश्मन हैं और यह सच भी है। आज भी मुसलमानों के सबसे बड़े दुश्मन यहूदी ही हैं।

डॉ. मिलर आगे कहते हैं, “यह एक तगड़ी चुनौती है और यहूदियों को इस्लाम को गलत साबित करने का मौका भी देती है कि वे मुसलमानों से चंद साल दोस्ताना रिश्ते रखकर यह कह दें कि देखो भाई हम तो तुमसे दोस्ताना रिश्ता रखते हैं और तुम्हारा यह कुरआन हमें तुम्हारा सबसे बड़ा दुश्मन बता रहा है, तो क्या तुम्हारा कुरआन गलत नहीं हुआ? लेकिन पिछले चौदह सौ सालों में ऐसा कुछ नहीं हुआ। यानी यहूदियों ने ऐसा कुछ नहीं किया जिससे कुरआन पर उंगली उठाई जा सके। और आगे भी ऐसा कुछ नहीं होगा क्योंकि यह ईश्वर के शब्द हैं जो सिर्फ भविष्य की ही नहीं हर काल की हर बात से वाकिफ है। कुरआन किसी इंसान का रचा हुआ नहीं है।”

डॉ. मिलर कहते हैं, “आप गौर कर सकते हैं कि कि मुसलमानों और यहूदियों के बीच के संबंधों की बात करने वाली कुरआन की यह आयत इंसानी दिमाग के सामने एक चुनौती पेश करती है।”

“तुम ईमान वालों का शत्रु सब लोगों से बढ़कर यहूदियों और बहुदेववादियों को पाओगे। और ईमान लानेवालों के लिए मित्रता में सबसे निकट उन लोगों को पाओगे, जिन्होंने कहा कि ‘हम नसारा (ईसाई) हैं।” यह इस कारण है कि उनमें बहुत-से धर्मज्ञाता और संसार-त्यागी सन्त पाए जाते हैं। और इस कारण कि वे अहंकार नहीं करते।

जब वे उसे सुनते है जो रसूल पर अवतरित हुआ तो तुम देखते हो कि उनकी आंखें आंसुओं से छलकने लगती है। इसका कारण यह है कि उन्होंने सत्य को पहचान लिया। वे कहते हैं, “हमारे रब! हम ईमान ले आए। अत तू हमारा नाम गवाही देनेवालों में लिख ले।”

“और हम अल्लाह पर और जो सत्य हमारे पास पहुंचा है उस पर ईमान क्यों न लाएं, जबकि हमें आशा है कि हमारा रब हमें अच्छे लोगों के साथ (जन्नत में) प्रविष्ट करेगा।”

कुरआन (5:82-84)

यह आयतें डॉ. गैरी मिलर पर भी लागू होती है। मिलर पर भी यह आयत सच साबित हुई है जैसा कि डॉ. गैरी मिलर पहले ईसाई थे लेकिन जब सच सामने आया तो इन्होंने इस्लाम अपना लिया और मुसलमान बनकर इस्लाम के एक मजबूत प्रचारक बन गए। उन्होंने अपना नाम अब्दुल अहद उमर रखा

डॉ. मिलर कुरआन की प्रस्तुति को अनूठी और चमत्कारिक मानते हैं और कहते है  कि इसमें कोई शक नहीं कि कुरआन एकदम अलग हटकर और चमत्कारिक है। दुनिया में कोई भी किताब इस जैसी नहीं है। कुरआन जब कोई खास जानकारी देता है तो बताता है कि तुम इससे पहले यह नहीं जानते थे।

ऐसा ही एक उदाहरण है-

“ऐ नबी, ये गैब की खबरें हैं जो हम तुमको वह्य (प्रकाशना) के जरिए बता रहे हैं, वरना तुम उस वक्त वहां मौजूद न थे,जब हैकल के खादिम यह फैसला करने के लिए कि मरयम का सरपरस्त कौन हो, अपने-अपने कलम फेंक रहे थे (यानी कुरआ-अंदाजी कर रहे थे), और न तुम उस वक्त हाजिर थे जब वे आपस में झगड़ रहे थे।”

कुरआन (3:44)

“ये परोक्ष की खबरें हैं जिनकी हम तुम्हारी ओर प्रकाशना कर रहे हैं। इससे पहले तो न तुम्हें इनकी खबर थी और न तुम्हारी कौम को। अत: धैर्य से काम लो। निस्संदेह अन्तिम परिणाम डर रखनेवालो के पक्ष में है।”

कुरआन(11:49)

“ऐ नबी यह किस्सा गैब की खबरों में से है जो हम तुम्हारी ओर प्रकाशना कर रहे हैं, वरना तुम उस वक्त मौजूद न थे जब यूसुफ के भाइयों ने आपस में सहमति कर साजिश की थी।”

कुरआन (12:102)

Miller_Garylडॉ. मिलर आगे कहते हैं, “दूसरी किसी भी किताब में आपको कुरआन जैसा अंदाज देखने को नहीं मिलेगा। बाकी दूसरी सभी किताबों में जो जानकारी दी जाती है उसमें उल्लेख होता है कि यह जानकारी कहां से ली गई है।”

उदाहरण के लिए बाइबिल जब पुराने राष्ट्रों का जिक्र करती है तो उसमें पढऩे को मिलता है कि वह राजा फलां देश में रहता था और फलां लीडर ने यह जंग लड़ी और फलां शख्स के काफी बच्चे थे जिनके नाम ये हैं। लेकिन बाइबिल में हमेशा यह पढऩे को मिलता है कि अगर आप इनके बारे में ज्यादा जानकारी हासिल करना चाहते हैं तो फलां किताब पढें जहां से यह जानकारी ली गई है।

डॉ. मिलर आगे कहते हैं, बाइबिल के विपरीत कुरआन कई नई जानकारी देता है और बताता है कि यह नई जानकारी है जो तुम्हें बताई जा रही है। कितने आश्चर्य की बात है कि कुरआन के अवतरण के दौरान मक्का के लोगों को यह नई बातें जानने को मिलती थीं। यह चुनौती भी थी कि यह जानकारी नई है, इन नई बातों के बारे में ना तो पैगम्बर मुहम्मद सल्ल. जानते थे और न ही मक्का के लोग।

यही नहीं उस वक्त के लोगों ने यह कभी नहीं कहा कि कुरआन की बताई यह नई बात हम पहले से जानते हैं और  यह हमारे लिए नई जानकारी नहीं है। किसी शख्स में यह कहने का साहस नहीं था कि हमसे झूठ कहा जा रहा है क्योंकि यह जानकारी वास्तव में नई थी जो किसी इंसान की तरफ से नहीं बल्कि उस सर्वज्ञानी अल्लाह की तरफ से थी जो भूत, भविष्य और वर्तमान के हर एक पहलू से पूरी तरह वाकिफ है।


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Courtesy :
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डॉ. गैरी मिलर की मशहूर किताब- The Amazing Quran


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JYOTI KUMAR SHARMA
Guest
IAM BOT AGREE WITH YOU,MUSLIM OR CHRISTIN KOI RELIGON NAHI HAIN..YAH TOH BAS EK KHANIYA HAIN. YADI DHARM KI BAAT KARTEY HOO TOH DUNIYA KA HAR DHARM KA EK HI MAKASAD HONA CHAHIYE INSANIYAT,AMAN ,MOHABAAT. NA KI YAHUDI KO DUSHMAN OR GAIRMAZHABI KO ZAHIL BATATA HAIN.. YADI ITIHAS HI DEKHNA HAIN TOH HINDU DHARM KA DEKHO JISMEY PURI DUNIYA KA RAHASYA CHIPPA HAIN.INSANIYAT,SDACHAR CHIPA HAIN. ITIHAS UTHA KEY DEKH LO KISI BHI HINDUSTANI SAMRAT NEY KISI DESH PEY KABZA NAHI KIYA,,HAR TARAF DOSTI OR BHAICHARA NIBHAYA.. PAR ISLAMI OR ISSAI MAZHAB KEY SAMRAT OR LOG APNI KATTARTA SEY PURI DUNIYA… Read more »
admin myzavia
Admin
Sister Jyoti Kumar Sharma Ji, main aapki is baat ki izzat karta hoon ki Insaniyat, Aman aur Bhaichara hi sab kuch hai. Prantu Ham Insaano ka Rachayaita ek Ishwar hai. Ab ham Jis Ghar me Paida Hote hain, usi Dharm ko follow karte hain. Koi Dharm buraai ki Shiksha Nahin Deta. Log apne Dharm ko Achcha parcharit karte hain. Yeh woh log hote hain. jisse unke dharm ki dukaan chalti hai. chahe Hindu Ho, Muslim Ho, Sikh Ho, Isai Ho. Sister hamko banane wale Ishwar ne hamko sirf Insan bana kar bheja hai. Duniya me logon ne Mazhab bana diya.… Read more »
altaf
Guest

Kumar brother not sister

tauheed alam
Guest
क़ुरआन दुनिया में अकेली किताब है जिसमे लिखा है कि तुम एक भी गलती ढूंढ़कर बताओ और तुम ऐसा हर्गिज नहीं कर पाओगे – डॉ. गैरी मिलर By Zeya Us Shams – April 26, 2016 45 75998 क़ुरआन दुनिया में अकेली किताब है जिसमे लिखा है कि तुम एक भी गलती ढूंढ़कर बताओ और तुम ऐसा हर्गिज नहीं कर पाओगे – डॉ. गैरी मिलर एक अहम ईसाई धर्म प्रचारक कनाडा के गैरी मिलर ने इस्लाम अपना लिया और वे इस्लाम के लिए एक महत्वपूर्ण संदेशवाहक साबित हुए। मिलर सक्रिय ईसाई प्रचारक थे और बाइबिल की शिक्षाओं पर उनकी गहरी पकड़… Read more »
farhan
Guest
bilkul sahi yahi wajah hai ki hinduo ki kitabo me ek jaanwer ki izzat dalito se zyada hai,ek taraf to vo gaay ka peshab bhi pee lete hain dusri taraf dalit jo ki insan hain unke hath ka khana bhi pasand nahi kerte aur unko mandir me prvesh bhi nahi karne dete.pavitr kitaab manusmirti aadesh deti hai ke dalit na to dhan rakh sakte hai aur na hi unki ye aukaat hai k vo progress karen.pavitr kitabo me ye bhi likha hai k brahmin agar chori kare to bhi poojyniye hai aur agar shudr kitna bhi mahan kaam kare to… Read more »
Shaista
Guest

In logo se behes karna bekaar hai…. In ko Allah par chhod do…. Wo.hi inko sach dikhaega… Par shayad tab tak inka astitva mit jaega….?

khalid
Guest

Sister ap hindu dharmik grantho ka adhyan thk se kijie.ap KHud hi ISLAM KE kareeb aaegi….

Bilal
Guest

Exactly ye log wo h jinke ankho pr jhut ka parda pad chuka he

sallauddin
Guest

sahi kaha aapne

pankaj
Guest

Are dharm jaati sab onsaan k banaye raste hai
Aakhir sabhi ko jaana to ek hi jagah hai lekin d dharm ka batwara ho chuka hai
Fir bhi sabhi jayenge to ek hi jagh
So dharm k chakkr me n pade jo jiska dharm hai use ussi me rehne de
Dharm badal dene se sahi gati hogi aisa nahi hai

Pankajdgandhi@gmail.com

faisal
Guest
ISLAM S BAD KAR INSANIYAT KISI BHI MAZHAB M NHI .. KISI BHI MAZHAB M AURTO KO ITNA MAQAM NHI DIYA GAYA JITNA QURAN M DIYA GYA H . ISLAM N LOGO KO JINE KA TARIQA SIKHAYA 1400 SAL PHLE LOG ITNE PADE LIKHE NHI THE JAHALATO KA DAUR THA US WAQT ISLAM N SARI BURAIO KO DUR KIYA AR ISLAM BURAIO S LADNA SIKHATA H ISI LIYE AJ BHI ISLAM FEL RAHA H .. JABKI PURI DUNIYA ISLAM K KHILAF H KOI MASZID TOD RAHA H KOI MUSLIM AURTO KO HIJAB ODNE S ROK RAHA H KOI ATANKWADI BOL… Read more »
Saleem
Guest

Islam is a only religion for Insaniyat who said strictly (Ek Begunah ka katal sari insaniyat ka katal hai)

Adil
Guest

Mahabharat tmhre kisne likhi thi.. agr wo galat h to tmhra mazhab bhi galat h…

Tabrej
Guest

Kyuki Hindu o kaaa Raaj aaya he nahi jo wo kisi mulk pe kabja karte agar muslim log chate to India Ko muslim country bana dete lekin esa nahi Kiya kyuki humare nabi ne nahi sikhya ki kisi ka jabardasti dharm badla jaye

Bilal
Guest
ankhe kholkr or sacchai ko dekho hindu dharm koi dharm ni geeta scientifically. Wrong prove ho chuki h bs dunia ki jo sirf ek religious scripture h jo abhi tk unchanged h or jo galt prove ni ho payi wo h quran bhai musalmaan to hona padrga agar jannat(swarg) me jana he to warna hmesha ki aag me rehna padega bhai hme parwah he apki socho hmari kya lalach h isme me sirf apni baat p ni bolra i told u thad u should research on islam and comparative religion bs akal mand log hi kyu islam apba rahe he… Read more »
Shahid Parkar
Guest

Char varna insaniyat hai? ?

neshat anwer
Guest

Miss first u r using a wrong language
Aap dusre majhab kois tarah pesh karte hain aapka dharm yahi sikhata hai

Are islam to peace ka majhab hai aap ne dekha hoga muslimon ko ibaadat karte hue wo kitne shanti sd karte hain yahaan tak ki eid.ki namaaz jo humara.sab se bada hai usko tak shantise manate hai.

noshad khan
Guest

Kaya he hindu dharm kuch nahi baal barabar

Insan
Guest

Miss first u r using a wrong language
Aap dusre majhab kois tarah pesh karte hain aapka dharm yahi sikhata hai

Are islam to peace ka majhab hai aap ne dekha hoga muslimon ko ibaadat karte hue wo kitne shanti sd karte hain yahaan tak ki eid.ki namaaz jo humara.sab se bada hai usko tak shantise manate hai.

Aftab alam
Guest
Jyoti ji àap MR. hain ya MIS hain ya mistek hain jo v hain lekin àap ko ye v pata nahi hai ki duniya me hindu dharm koyi nahi hai jise aap hindu dharm kahti ho wo hindu dharm nahi sanatan dharm hai . dusri bat àap kahti ho ki hindu Sarratt ne kisi dusre rajya par kanga nahi kiya ye v galat hai shayed aapne itihas ( Histry of Bharat ) v nahi padha hai warna àap ko Yad hota ki Samrat Ashoka ne Kaling rajya par chadhaee kiya tha to uska makshad kya tha apne rajya ko dusron… Read more »
Afzal
Guest

aapka jwb ye hai sis pahele aap quraan padho… mohmd paiganber ki life k baarein me padho.. ..mai yakeen ke saath kahe skta hun sis aapko itni insaniyat milengi aap ro padengi…. at inshallah islam qubul karlengi……

mukesh thakur
Guest

stop marketting bro, ur ancestors were also a hindu someday

Danish
Guest

तुम बहुत बीमार हो किसी अच्छे डॉक्टर से अपना इलाज कराओ, तुम्हे दुआओ और दवाओ की सख्त जरूरत है, अल्लाह तुम्हे और तुम्हारे माँ बाप को शांति दे, बहुत तरस आ रहा है तुमपर…

chunnu stn
Guest

Islam dharam kahani nahi ek haqikat hai balki sanatan dharm sirf man gharant kahani hai jiska koi astitwa hi nahi hai is liye babar pasand nahi babar ka diya hindu sabd bahut pasand hai

Ishan Ahmed
Guest
Dear sister हम नहीं कहते आपका हिन्दू धर्म गलत है और ना ही कभी कहेंगे but हमारे लिए हओ न हो आपके लिए तो आपका धर्म 100% right है तो ज़ाहिर सी बात है आपके पास जो में qsn. ? कर रहा हु उन सब का ans. भी जरुर होगा आप मुझको इन qsn. सही सही ans. दो आप मुस्लिम बनो न बनो में हिन्दू बन जाऊंगा अगर आपने सही ans. दिया तो #ये_रहे_कुछ_qsn_आपके_लिए_स्क्रीन_पर #पहला_सवाल 1:- सभी देवी देअवताओ ने भारत मे हि जन्म क्यो लिया, क्यो किसी भी देवी देवता को भारत के बाहर कोइ नही जानता ? #दूसरा_सवाल… Read more »
Any
Guest

Bhai tu jitne b words bola he vo sab islam k hi he.. Jo sach bolta he vo logo ka dushman hota he..

Arkan khan
Guest

Tab to aap ko gyaan ki kafi jarurat hai aap kuraan hindi me bhi aati hai usko padho

9471289488
Guest
Dear sister हम नहीं कहते आपका हिन्दू धर्म गलत है और ना ही कभी कहेंगे but हमारे लिए हओ न हो आपके लिए तो आपका धर्म 100% right है तो ज़ाहिर सी बात है आपके पास जो में qsn. ? कर रहा हु उन सब का ans. भी जरुर होगा आप मुझको इन qsn. सही सही ans. दो आप मुस्लिम बनो न बनो में हिन्दू बन जाऊंगा अगर आपने सही ans. दिया तो #ये_रहे_कुछ_qsn_आपके_लिए_स्क्रीन_पर #पहला_सवाल 1:- सभी देवी देअवताओ ने भारत मे हि जन्म क्यो लिया, क्यो किसी भी देवी देवता को भारत के बाहर कोइ नही जानता ? #दूसरा_सवाल… Read more »
farhan uddin
Guest

Very nice question ye inke answer kabhi nahi de payenge kyunki sach sunne Ki adat nahi hai inhe

admin myzavia
Admin
Sister Jyoti Kumar Sharma Ji, main aapki is baat ki izzat karta hoon ki Insaniyat, Aman aur Bhaichara hi sabkuch hai. Prantu Ham Insaano ka Rachayaita ek Ishwar hai. Ab ham Jis Ghar me Paida Hote hain, usi Dharm ko follow karte hain. Koi Dhar buraai ki Shiksha Nahin Deta. Log apne Dharm ko Achcha parchrit karte hain. Yeh woh log hote hain. jisse unke dharm ki dukaan chalti hai. chahe Hindu Ho, Muslim Ho, Sikh Ho, Isaii Ho. Sister hamko banane wale Ishwar ne hamko sirf Insan bana kar bheja hai. Duniya me logon ne Mazhab bana diya. Lekin… Read more »
farhan
Guest

yahi wajah hai k hindu mazhab me jaanwar ki aukaat dalto se zyada hai

Shaikh Mahammadriyaz G..
Guest
Shaikh Mahammadriyaz G..

Beshaq Islam sabse achcha v sachcha Dharm hai. Islam dharm ki Quraan-E-paakme Jabse duniya bani hai tab se lekar Qayamat tak ki sabhi nisaniya moujud hai. Islam dharmme ladies ke liye burkha pahenna farz hai.. aaj ke dour me balatkar jaisi gatnae ban rahi hai. par aapne kabhi suna hai ki koi bhi islamic lady jo burkha pahenati ho us par bakatkar huva hai ?? Nahi aapne aisa ek bhi kissa nahi suna hoga… islam is a very very unlimited very great Religion..

Shaikh Mahammadriyaz G..
Guest
Shaikh Mahammadriyaz G..

Islam world ka sabse no . one sachcha dharm hai.. Aur bhai aapko ek bat batadu ki ek andheko aap Taj mahel dikhlavoge to usko kaala hi dikhega isi tarah aap sachchi baat bataoge to 99.99 taka log man jaenge lekin 0.1 taka insan ese bhi honge jo manenge nahi voh log 0.1 tak me shamil honge.

sharad
Guest

Hinduism me caste Bahut baad me aaya, aap dalit aur janwaro ko compare karte hain,Hamare yaha karm pradhanl tha. Tabhi to bhagwan ram ne sabri ke Joothe ber khaye, dhobi ki baatein Suni,kewat se agrah kiya,.aise aneko udahran milenge. Ye sab Islamic kings aur angrejo ka failaya hua hai

Super Man
Guest

Sharad bhai aapke mazhab mein kisi ki hatya karna agar mana hai to kya aap
Mujhe bata sakte ho ki Ram hiran ka shikar karne kyon gaye…???
aur sare bhagvan India mein hi kyun paida hue kya bahar ke logon se dushmani thi….???
Ganga , Dharti , agar maa hai to apne bachcho ko kabhi dubokar to kabhi bhukamp se buri tarah tadpa kar maar kyon dete hain…???
Shiv agar bhagvan hai to apne bete ko kaise usi tarah zinda nahi kar sakte the Hathi ka chehra laagana zaroori kyon tha…???

zeeshan
Guest

Superb yar……

Shabbir
Guest

Ji ha jyoti sarma ji jab ki science ne ab to man liya he ke islam is best.
Q ki jab science bata ta he ki insan bandaro me se bana he bhi galat sabit ho chuka he q ki ye galat baat he jab ke sahi ye he ki sab se phele insan us rab ne banaye the adam ko or agar insan me se bandar hue hote to aaj ka bandar bhi bandar hi he q
Or aaj ka insan bhi insan hi he .

JAR
Guest

JYOTI KUMAR JI AAPKA GYAN BAHUT THORA HAI BELKEY HAI HI NAHI. AAPKO YAH BHI PATA NAHI KEY PUNJAB KEY KIS RAJA NEY GEZNI PER KITYNI BAAR HUMLA KIYA THA AUR HAAR JANEY KEY BAAD KHUD KO BUZDILON KI TERHA JELTEY HUY AAG MEIN BHSHEM KER LIYA THA
PUNJAB KA BHADUR RAJA NEY GEZNI PER HUMLA US WAKET JEB WAHAN KA RAJA EK DUSRI JUNG MAIN PENSA HUA THA

Syed Naqvi
Guest
Plz is trhh ki baaten na kare Desh ko aapki Zaroorat hai Ham or aap dharm Ko acche se stdy kare Q k adha adhoora gyaan hame sirf ghalt Rasta Dikhata hai Or aap k is Ghalat Raste ka Faida chand. Darm guru apni dukaan chalne k liye karte hain Wo Rajniti se jude logo ki hlp lete hain Fir apas me lada dete hhain Aap har dhram ki acchi chezo ko lo Buri cheez jaha par hai wahi padi rahne do Or. Khud gyani bano acche se padh k aapko kisi dharm guru ki zaroorat. Na ho tab aap… Read more »
Mohammad Akram
Guest

My dear friend ye bhut behtreen jankari mili h is post se or asal bat ye hi h ki tum Quran or hadhith ko sikho or uspar zindagi gujaro behtreen jindagi beshak ALLAH k huqam or nabi k tarike me h

M.iqbal
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Allah ek h

jitendra singh
Guest

Tell me a part of world where muslims are un majority and living peacefully???? Something is seriously wrong with this religion…. Please live peacefully and let other live.

Arif Khan
Guest

Friend
U believe Allah U will understand all of things
Eslam mean Pace
All world enemy of Eslam. Why
(Sachchaee hamesha kadvy hoti h )
Plz u read kuran your language with means

Insan
Guest

If we left Siriya and Iraq after American invasion, in all other muslim country their are peace

Navi
Guest

Advice to all Muslims : first became human and start educating your children to be humans …ye dharam karam or knowledge and intelligence wali baate karne 50 saal or Lagenge tumhe …. Afghanistan, Pakistan, philistine, Iran, Iraq Na banaanye…quaran ki duhayi Dena band karo usko pad Kar hi terrorists ban rahe hai, gita or Bible pad ke nahi apna ghar sudharo …gyan baad mai baatnaa. ….

9610269056
Guest

Navi. Bhai ager. Muslman terrorists hote Na to aaj aap Hindustan me nhi shmshan ghat me hote .
Ager muslman terrorist hota Na to app k purw
ajo ka is duniya me namo nishan nhi hota

Mona
Guest

U r right Mr..

Tanveer
Guest
Sister mai aapse jayada kuchh nhi kahunga bura n maniyega asal me Hindu koi dhram hi nhi h iska asli nam sanatan h aur iska MATLAB hota h saccha aur iski kitab h saswat MATLAB aasmani joki sirf Muslim dhram se milta h aur walmiki ji ne likha h jis kitab me 33 rd time “nirasans “(tm apne rab ki kis-2 nemat ko jhutlaoge) sabd aaye wahi dhram saccha h aur ye Allah pak ne Quran pak ke 27th pare me sureh Rahman me btaya isi trah Mohammad (S.A) sirf Muslim keliye nbi bnake nhi bheje gye balki sari ummat… Read more »
Mohd Naushad
Guest

اللّه اكبر #ALLAH_ke_shiva_koi_mabood_nahi_aur_AAP_S.A.W_unke_rasool_h………

shiv shnaker
Guest

quran kya kahti h abhi tak quran ke padhne walo ne samjha hi nahi
adhik jankari ke liye dekhe
sadhna tv 7:40 pm to 8:40 dely

shiv shnaker
Guest

quran ke gupt rahsya ko janne ke liye dekhe

sadhna tv 7:40 pm se 8:40 tak dely

adhik jankari ke liye you tube par delhe
sant ram pal ji mahraj V/S dr zakir nayik

mohd maqbool
Guest

ram pal ji ko to police suna rahe hai bhai ab hme kaha suna payenge ab ram pal ji

Mazhar Malik
Guest

Bhaiyo or bahno.muslimo ko bolte h 5 shadi kyu karte h.to haryana m ajbhi padavi bhut milti h.ek orat k sath 5 mard.y bat bhi koi Jada achchi nhi.sabhi bhagwan shadi karte h.Matlab bhagwan ko phi biwi ki jarurat h.

Tripathi
Guest

Isliye app logo ko Islam me har country me yek dushre ko maarte hai kya unko Islam nahi pta pura dunima me sabse jda Jo marte hai WO app log ho Hindu is great hai phale aapne Ghar ko dekho phir bahar ki baat karna app saalo 1400 me jeete raho tum log Ghar me khane ka khana nahi our baat karte ho dharm ki

zeeshan
Guest
Trpathi ji mujhe ap se koi shikayet ni jo ap kah rhe hai kyu ki ap masoom hai ap jante hi ni bas ap se ek request hai ki dunia me aye ho to kyu aye kabhi ye socha kabhi ye sach janne ki koshis ki apne ? Sach ko talasna ap haq hai aor ap sach janne ke lie ek bar hi shi quran padh lo par ap onki trah adha adhura mat padhna jo kahi ki line utha lete hai bina context ke aor islam ke against bolna shuru kar dete hai ap pura padhna inshaallah ap ko… Read more »
altaf
Guest

Jyoti kumar kumar brother not sister

Shakeel Malik
Guest

Tripathi mujhe lagta h tu hme khane ko de rha h

zubi
Guest

Bhai ye to duniya janti h k islaam ko kis kis tarha se badnaam krne ki naqaam koshishen ki ja rhi hn magar log ye na bhoolen
Wato izzo manto sha.a
Wato zillo manto sha.a
Jb tk is duniya me ek bhi Iman wala rhega mera Rab duniya ko chalata rhega

mohd danish
Guest

Beshaq

neshat anwer
Guest

Jyoti u hadused very wrong language

Aamir hussain
Guest

Bhai pehle to in he yeah bhi nahi pats ki Hindu to koi dharam hair he nahi inka dharam sat sang dharam hai

sahil sam
Guest
Tripathi tum log sale apne hi dharm me kabhi kisi dalit k pair chukar dekho ar uske ghar jakar uske sath khana khakar dekho tb lagega k tum sb hindu ho mujhe aisa q lgta hai tumme koi pandit hai koi thakur hai koi shudra hai koi vaisya hi ye sb hindu to kahin se nahi dikhte ….ar rahi bat khilane ki to sun sale ye jo brahmin hai na ye suru se hi bhikhari hain jo doosre ka diya hua khate hain bheek mangkar …agr sabhi log sachhe dharm ko jan lenge to inki dukan 11 idhar rakho 121… Read more »
Shahnawaz Raza
Guest

Allah hum sab ko maslak-e-Aalahazrat par chalne Ki toufeeq Ata farmaye

Sunny usmani
Guest

Ameen bhai logo

Sunny usmani
Guest

Bahut acccha bhai jaan

jamil
Guest

bhaiyo or bhaheno sabse pahele mujhe ye batao .Hindu dharam sirf India me hi kiyu hai dusre desho me kiyu nahi.jyse Muslim sabdesho me hai or sab ka manna bhi ek hi hai. Allha ek hai or Muhammad (s. w ) Allha ke rasul hai.

khan
Guest

I love islaam

M. Shamim Malik
Guest

No Doubt # Absalute sure right # I love too Islam #

Vaibhav joshua
Guest

Bible is the only true religious book. It is prooved since centuries. But this person is denying Jesus because he is having all the evil desires in his heart. Just go to him and see his personal life and you will come to know that why he is denying Lord Jesus because of his evil deeds. Jesus is the way the truth and the life. Amen

sallauddin
Guest

sahi kaha aapne sahista ji

amjad
Guest

Hindu dharam itna purana dharam hai phir bhi ye aajtak world me koi nahi accept kiya . India me simit rah gaya. Accept bhi kare to kaise 33 crore bhagwan ka concept digest nahi hota hai kisi ko.

Syed Jilshan
Guest
Hindu to koi dharam hi nhi h, atlest hame to ye b pta ni aap kis kis ko mante h. Koi kisi ko koi kisi ko, Pta ni apke dharam m kitne bhagwaan h. Aur ek baar apne Mahaan dharam guruo ki history b dekh lo(Asharam,Radhe ma, Nirmal baba,n lots of more) Bhai abi b waqt h smbhal jao, Ramayan to apne padi hogi, Ek baar QURAN PAK ko b padh kr dekh lo, Sacchai apne aap saamne aa jaygi. Jyoti bhai Ji..bs aapse ek reqst h ki bs ek baar QURAN PAK ko padh lo aur smjh lo…Mujhe poora.… Read more »
Sonu Ansari
Guest

Summa Aameen

alok
Guest

Jo apne bando se kahe ki kisi ka kati karo jo kahe ki logon se zabardasti islam kabool karaao jo ye kahe ki poori duniya me aatank phailaao .usme galti nahin hai.?agar quaran galat nahi hai to isis .talibaan uar is jaise dusre q? Hai

Javed
Guest

Brother tum mujhse bat karo tumhari sari galt faimi door ho jayegi

Mohammed Jamal
Guest

Alok jo bhi aap likh rahe hain bina sochey samjhey, yeh sab jhoot hai. Aap ko kya pata Quraan main kya likha hai.
Agar pata hota to yeh sab nahi likhte, aur main to kehta hun Quraan main kya likha hai yeh jaanne k liye aap ko quraan parhna chahiye, yaqeen maniye agar aap ne Quraan samajh liya aap bhi Musalmaan ban jayengey.

surya
Guest

Bhaiyo quran me shree ram aur shree krishna ka naam 1 bhi baar nahi aaya jabki isamasih ka naam 25 baar aaya aalah to doordarshi hai ya fir allah ko sirf apne area ki knowledge thi
Sab bakwas hai
Jhooth ko hajar baar sach kahne se jhooth sach me nahi badal jata ye wahi quran hai jisme likha hai duniya chaukor hai suraj daldal me doob jata hai
Hahahaha sale chutiye

Abhishek
Guest

Dharm ko manna apne aap se hota hai…dharmik wo hi hai jo sabse pehle apne maan ko dil ko aur jubaan ko saaf kare…dharm ko sahi theraane ko jitaane k liye apni language khraab na kare….v bad

Khan
Guest
Akhir bat kya h ki insan duniya ki hr dharm ki kitab padta h lekin jb kuraan padta h to islam kabool kr leta h kuch to bat h mere islam me dr.gairi miler ne sb kitabo ka adhyayan kiya lekin kuraan hi kyu unke samjh me aya aur islam kabool kr liye kuch to bat h mere islam me aisi koi kitab nhi h jisme btaya gya ho 1400 year pahle likha ho duniya me ye hone wala h wahid ek kuraan h jisme 1400 years pahle hi likh diya gya h ye hone wala h duniya me aur… Read more »
सत्यार्थप्रकाश
Guest
सत्यार्थप्रकाश

सत्यार्थप्रकाश सभी धर्म के लोग पढ़ें!

shahnawaz
Guest

Islam Zindabad.

Mhqureshi
Guest

Joti g mahabhrat aur ramayan men Issae ya musalman to nahi thay to insan keyun marey gaye joti g jab bhi dharm aur adharm ki ladai ho gi to insan hey marey ga alian nahi

md iftyh
Guest
bhai log bas kro jisko jitna jankari hoti h vo utna hi bolta h tmhare khne se kuch nhi hoga upar wala sb janta jitna v kuch kr lo inke ankhe ni khuloegi kiunke ye hazrat ibrahim alhi salam ke jamane se muri ko pujte a rhe he pegambro ne kitni koshish ke fir v kuch logo ne iman ni laya to tmre bolne se kya hoga tm apna khud ka dekho khuda sbko apne kram ka fal deta h or ap log bat krte ho muslamn ke to ap muslaman log ek din m kitne aise kam krte ho… Read more »
md ifty
Guest

APNA dharam uncha dusro ko necha kvi mat kro allah ne ye v kha h ke kisi ke dharam ke bare m bura mat bolo

md ifty
Guest
bhi logo kvi kisi ko galat mat kho agar kisi ko tm bura bologe to allah ko v bura lgega ap apne ap ko dekhye dsro ko unke hal par hi chhor dijiye butho ke puja do hazrat ibrahim as ke jamane se pujte a rhe h ye log hanre nabi ne b bht smjhaya bt kuch log smajh nhi pye to unko unke sja mil gai to ham insan se kya smjhenge ye to kisi ko galat mat kho allah sbko uske karam ka fal deta h jo jaisa krta h viasa pata h ham log muslaman m yhi… Read more »
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